लोन रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे बदसलूकी, 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे ये नियम
आरबीआई ने लोन रिकवरी नियमों में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर से लागू होंगे। अब केवल प्रशिक्षित एजेंट ही रिकवरी कर सकेंगे और बैंकों को ग्राहकों को एजेंट ...और पढ़ें

1 अक्टूबर से बदल जाएंगे लोन रिकवरी से जुड़े नियम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राजीव कुमार, नई दिल्ली। बैंक अब उन्हीं लोगों को लोन रिकवरी एजेंट बना सकेंगे जिन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) से प्रशिक्षण प्राप्त किया हो। लोन रिकवरी एजेंट के लिए आईआईबीएफ प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। वहीं बैंक लोन लेने वालों को अपनी रिकवरी एजेंसी और एजेंट की पूरी जानकारी भी देगा।
रिकवरी एजेंसी में बैंक अगर कोई बदलाव करता है तो बदलाव के बारे में भी उधार लेने वालों को सूचित करना होगा। आरबीआइ ने ग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लोन रिकवरी के नियम में बदलाव किया है जिसे आगामी एक अक्टूबर से लागू किया जाएगा।
केवल प्रशिक्षित एजेंट ही लोन रिकवरी करेंगे
नए नियम के मुताबिक बैंक की तरफ से नियुक्त रिकवरी एजेंसी को इस बात की गारंटी देनी होगी कि उनके एजेंट लोन रिकवरी के लिए निर्धारित सभी नियमों का पालन करेंगे। बैंक के कर्मचारी या रिकवरी एजेंट किसी भी ग्राहक को रिकवरी संबंधित काल सुबह आठ बजे से शाम सात बजे के बीच ही कर सकेंगे।
ग्राहक के अनुरोध पर ही इससे अलग समय में फोन कर सकेंगे। लोन रिकवरी एजेंट को ग्राहक के घर भेजने से पहले बैंक कम से कम एक दिन पहले ई-मेल या फोन मैसेज के जरिए एजेंट की पूरी जानकारी देगा। अगर ग्राहक का ई-मेल या फोन नंबर नहीं है तो तीन दिन पहले ग्राहक के पते पर नोटिस भेजा जाएगा।
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शिकायत निपटान तक रिकवरी एजेंट नहीं भेजेंगे
आरबीआई के नए नियम के मुताबिक अगर लोन लेने वाले ने उधार से संबंधित कोई शिकायत बैंक में दर्ज करा रखा है तो उस शिकायत के निपटान तक लोन लेने वाले के पास बैंक किसी कर्मचारी या रिकवरी एजेंट को नहीं भेज सकता है।
ऋणकर्ता के पास बैंक कर्मचारी या रिकवरी एजेंट की तरफ से किए जाने वाले सभी काल की तारीख और समय दर्ज किए जाएंगे। अगर काल के दौरान बातचीत रिकार्ड किए जा रहे हैं तो इसकी जानकारी भी ग्राहकों को दी जाएगी। इस रिकार्डिंग को छह माह तक रखा जा सकेगा।
बैंक को काल रिकार्ड करने का कारण भी बताना होगा। लोन की रिकवरी के लिए बैंक ऋणकर्ता के मोबाइल या टैबलेट में किसी टेक्नोलाजी का इस्तेमाल नहीं करेगा। अगर मोबाइल फोन बैंक से उधार लेकर नहीं खरीदा गया है तो बैंक किसी ऋणकर्ता के मोबाइल फोन को लोन रिकवरी के नाम पर अपने कब्जे में नहीं ले सकता है।
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