राम मंदिर चंदा चोरी मामला: एसआईटी चार दिन के अंदर दाखिल करेगी पहली चार्जशीट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एसआईटी जांच पूरी होने पर 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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HighLights
यूपी सरकार 25 सितंबर तक दाखिल करेगी राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट।
एसआईटी जांच में 105 बार चोरी की घटना सीसीटीवी फुटेज में दिखी।
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब चार्जशीट दाखिल करने की समय सीमा पूरी होने वाली है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने कहा कि एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल होगी।
यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में दो दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह बयान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ के समक्ष दिया।
मेहता ने कहा कि पहली गिरफ्तारी की तारीख से नब्बे दिनों की अवधि 25 सितंबर को समाप्त हो जाएगी, और यदि उससे पहले आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जाता है, तो आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी। हम दो दिनों के भीतर याचिका दायर कर देंगे।
सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को यह भी बताया कि विशेष जांच दल ने जांच के संबंध में न्यायाधीशों को एक स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी है। पीठ ने एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट का भी अवलोकन किया।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "SIT अब चार्जशीट दाखिल करना चाहती है, तो दाखिल करें। इस मामले में मजिस्ट्रेट आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक करें।" कोर्ट ने यह भी साफ किया कि धाराओं को देखते हुए मामले में एडिशनल सेशंस जज (मजिस्ट्रेट नहीं) सुनवाई करेंगे।
105 बार चढ़ावा चोरी की घटना हुई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज SIT जांच के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि 105 बार चढ़ावा चोरी की घटना हुई। SIT की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने पढ़ी।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया कि अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चंदा चोरी के क्या सबूत मिले हैं।
कोर्ट को सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और सबूतों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपियों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज और दूसरे मटीरियल का एनालिसिस कैसे किया गया है। कोर्ट ने सभी जानकारी को अपने रिकॉर्ड में लिया है।
