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आतंकवाद से निपटने का संकल्प, UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता... BRICS समिट में होंगे 50 ऐतिहासिक समझौते

Published: Sat, 12 Sep 2026 08:14 AM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 08:19 AM (IST)

ब्रिक्स समिट 2026 में भारत की अध्यक्षता में आतंकवाद की कड़ी निंदा और UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के ...और पढ़ें

भारत की अध्यक्षता में हो रही ब्रिक्स समिट 2026 में अहम नतीजे निकलने की उम्मीद।

भारत की अध्यक्षता में हो रही ब्रिक्स समिट 2026 में अहम नतीजे निकलने की उम्मीद।

HighLights

  1. भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स समिट 2026 के 50 से अधिक परिणाम।

  2. आतंकवाद की कड़ी निंदा, UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन।

  3. वैश्विक शासन सुधार, बहुपक्षवाद मजबूत करने पर बनी सहमति।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिक्स समिट 2026 आज से यानी शनिवार (12 सितंबर, 2026) से शुरू के बीच कुछ अहम समझौते होने की उम्मीद है। भारत की अध्यक्षता में हो रही इस समिट के दौरान चार प्रमुख स्तंभों पर 50 से ज्यादा ठोस और व्यवहारिक नतीजे सामने आए हैं, जिनमें फ्रेमवर्क और एक्शन प्लान भी शामिल हैं। ये मुख्य स्तंभ लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में भारतीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि भारत के लिए इसके मुख्य नतीजों में आतंकवाद की कड़ी निंदा और इसके सभी रूपों से निपटने का संकल्प शामिल है। साथ ही वैश्विक शासन संस्थानों में सुधार, बहुपक्षवाद को मजबूत करने और यूएनएससी में भारत की सदस्यता की दावेदारी के लिए समर्थन पर भी सहमति बनी है।

सकारात्मक नतीजे की उम्मीद

हालांकि, वेस्ट एशिया की स्थिति को लेकर यूएई और ईरान के बीच मतभेदों के कारण इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं थी कि शिखर सम्मेलन किसी साझा घोषणापत्र के साथ खत्म होगा या नहीं, लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत की अध्यक्षता को मिले समर्थन के कारण उन्हें एक सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है। इससे पहले पश्चिम एशिया को लेकर मतभेदों के कारण विदेश मंत्रियों के स्तर की बैठक बिना किसी साझा बयान के खत्म हो गई थी।

एक अधिकारी ने कहा, "अलग-अलग सेक्टर में काम करते हुए और साल भर में 400 बैठकें करके भारत की अध्यक्षता ने सबको साथ लाने और आम सहमति बनाने की मजबूत क्षमता दिखाई है। इसके नतीजों से ब्रिक्स देशों के लोगों को फायदा हुआ है।"

कैसे होगी अध्यक्षता की शुरुआत

रिपोर्ट में सूत्रों के हवालों से बताया गया कि भारत ग्लोबल साउथ की एक मजबूत आवाज बनकर उभरा है और उभरती हुई वैश्विक व्यवस्था में इसके नजरिए और आकांक्षाओं को शामिल करने में भारत ने अहम भूमिका निभाई है। शिखर सम्मेलन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर केंद्रित एक सत्र के साथ होगी।

सरकार का मानना है कि भारत ने बातचीत और रचनात्मक सहयोग के लिए ब्रिक्स को एक मंच के तौर पर स्थापित करते हुए एक पुल बनाने वाले की भूमिका निभाई है। यह बात मंत्रियों और एजेंसियों के प्रमुखों की बैठकों के आम सहमति वाले दस्तावेजों से भी साफ होती है।

सरकार के अनुसार, ब्रिक्स की अध्यक्षता पूरे देश का सामूहिक प्रयास था, जिसमें केंद्र, राज्य, संस्थान, उद्योग, शिक्षा जगत, युवा, नागरिक समाज और समुदाय एक साथ आए और 30 से ज्यादा शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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