त्विषा शर्मा डेथ केस पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने लिया स्वत: संज्ञान, CJI की बेंच करेगी सुनवाई
त्विषा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है। परिवार ने त्विषा की मौत के लिए उनके पति और भ ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने ट्विषा शर्मा मामले का लिया संज्ञान। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। त्विषा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला अपने हाथ में ले लिया है। त्विषा के परिवार वालों ने उनकी मौत के लिए उनके पति और भोपाल में रहने वाले ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खुद ही संज्ञान में लिया और 25 मई को सुनवाई के लिए लिस्ट किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के अलावा, इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल होंगे।
इस मामले को 'एक युवती की ससुराल में हुई अप्राकृतिक मौत के मामले में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियागत विसंगतियां' शीर्षक के तहत लिस्ट किया गया है।
पुलिस हिरासत में समर्थ सिंह
त्विषा का पति समर्थ सिंह, जो एक वकील हैं और सास गिरिबाला सिंह, जो पूर्व जिला न्यायाधीश हैं, पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है। लिहाजा, मामला हाई प्रोफाइल हो गया है। समर्थ ने शुक्रवार को हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत अर्जी वापस लेने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की
पुलिस ने गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत निरस्त करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल, नोएडा निवासी 33 वर्षीय त्विषा शर्मा, जो पूर्व मिस पुणे विजेता थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने पति के आवास पर मृत पाई गईं। समर्थ से उसकी मुलाकात करीब पांच महीने पहले एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी।
त्विषा के परिवार ने ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा आरोप
त्विषा के परिवार ने ससुराल वालों पर लगातार घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का आरोप लगाया था और इसलिए उसकी मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की थी। हाई कोर्ट ने दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की याचिका को स्वीकार कर लिया है।
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हाई कोर्ट ने सोमवार को गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त करने को लेकर सुनवाई की व्यवस्था दी है। लेकिन अब मामला शीर्ष अदालत पहुंचने से हाई कोर्ट की सुनवाई आगे बढ़ सकती है।

त्विषा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया कि उनके पति और ससुराल वालों ने, जिनमें उनकी सास भी शामिल हैं, जांच को गुमराह करने और मामले को प्रभावित करते की कोशिश की। उनके पति, समर्थ सिंह एक वकील हैं और उनकी सास गिरिबाला सिंह, एक रिटायर्ड जज हैं।
कानून व्यवस्था में अपने ससुराल वालों के रसूख का हवाला देते हुए, त्विषा शर्मा के पिता, भाई और रिश्तेदारों ने उनके द्वारा न्याय व्यवस्था को कथित तौर पर अपने हिसाब से चलाने को लेकर चिंता जताई है।
सुप्रीम कोर्ट करेगा पक्षपात के आरोपों की जांच
सुप्रीम कोर्ट, त्विषा शर्मा की मौत के मामले में प्रक्रियागत विसंगतियों और संस्थागत पक्षपात के आरोपों की जांच करेगा।
गहरे सदमे में हैं माता-पिता
उनकी मां एक गहरे सदमें में हैं, उन्हें यह नहीं समझ आ रहा कि अपनी बेटी के बिना वे आगे की जिंदगी कैसे जिएंगी। उनके पिता ने तो खाना-पीनी भी छोड़ दिया है। वे पूरी तरह से बेटी के गम में डूबे हुए हैं। अब उन्हें बस एक ही चीज आगे बढ़ने की हिम्मत दे रही है, त्विषा शर्मा के लिए इंसाफ की लड़ाई।
CBI के हाथ त्विषा शर्मा की मौत की जांच
त्विषा शर्मा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की मौत की जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को सौंप दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया में हम हर दिन थोड़ा-थोड़ा मर रहे हैं, लेकिन उसकी आत्मा ही मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत दे रही है।
उन्होंने कहा कि हम जांच अधिकारियों से यह नहीं कह रहे कि वे हमारी बात पर आंख मूंदकर भरोसा कर लें। हम उनसे बस इतनी गुजारिश कर रहे हैं कि वे सबूतों की ईमानदारी से जांच करें और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच को आगे बढ़ाएं।
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