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नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR रद करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

Updated: Tue, 01 Sep 2026 07:37 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पुलिस की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 13 FIR रद करने और ...और पढ़ें

नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR रद करने की मांग। (एएनआई)

नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR रद करने की मांग। (एएनआई)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR रद करने पर सुनवाई करेगा।

  2. दिल्ली पुलिस ने हिंसा में शामिल 2,873 लोगों पर नए मामले मांगे।

  3. CJP ने केंद्र पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के लिए सहमति दी है, जिसमें नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों में शामिल रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज 13 प्राथमिकी को रद करने और हिंसा में भूमिका की जांच के लिए आंदोलन के दौरान मौजूद 2,873 लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की उस दलील पर संज्ञान लिया, जिसमें उन्होंने इस मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था।

जब पीठ दिनभर की कार्यवाही के बाद उठने वाली थी तो उसी समय मेहता ने कहा, 'हम एक अंतरिम आवेदन दाखिल करना चाहते हैं। यह प्राथमिकी रद करने की मांग से जुड़ा है। हम संविधान के अनुच्छेद 142 का हवाला दे रहे हैं।'

अगर पक्षकार समझौता कर रहे हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं- शीर्ष अदालत

शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर पक्षकार समझौता कर रहे हैं तो उसे कोई दिक्कत नहीं है और उसने मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की सहमति दी।

याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से 25 जुलाई को लिए गए फैसले के अनुसार, दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शनों के संबंध में दर्ज 13 प्राथमिकी पर आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती है।

गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वालों की भूमिका की जांच जरूरी

इसमें यह भी बताया गया है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के डाटाबेस के अनुसार, गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोग प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पाए गए थे। उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जरूरी है।

सीजेपी ने दिल्ली में विरोध मार्च का किया आह्वान

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सीजेपी ने दिल्ली में एक विरोध मार्च का आह्वान किया है। सीजेपी का आरोप है कि केंद्र ने 25 जुलाई को किए गए उन वादों को पूरा नहीं किया, जिनके तहत परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ उसने अपना 36 दिन तक चले आंदोलन को वापस ले लिया था।

सीजेपी के अनुसार, शिक्षक दिवस के मौके पर निकाले जाने वाले मार्च का नेतृत्व उन छात्रों के परिजन करेंगे, जिन्होंने नीट रद होने और उसके बाद दोबारा परीक्षा कराए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती का सामना करने वाले छात्रों के परिजन भी मार्च में शामिल होंगे।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)