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    स्लीपर कोच में मांगा कंबल तो कोच अटेंडेंट ने चाकू से काट डाली पैर की नस, जवान की चलती ट्रेन में हत्या

    Updated: Fri, 07 Nov 2025 12:45 PM (IST)

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान में ट्रेन में सैनिक की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि कंबल मांगने पर रेलवे कर्मचारी ने सैनिक की हत्या कर दी। आयोग ने रेलवे बोर्ड और आरपीएफ से रिपोर्ट मांगी है, जिसमें अटेंडेंट की नियुक्ति प्रक्रिया और ट्रेनिंग का ब्यौरा शामिल है। आयोग ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का वादा किया है।

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    ट्रेन में सैनिक की हत्या, जांच की मांग। इमेज सोर्स- सोशल मीडिया

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने चलती ट्रेन में एक सैनिक की हत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। मानवाधिकार संस्था ने आरोपी रेलवे स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सैनिक के परिवार को न्याय दिलाने का वादा किया है।

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    रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, जम्मू तवी-साबरमती एक्सप्रेस में एक रेलवे कर्मचारी ने कंबल और चादार की मांग को लेकर हुए विवाद के बाद सैनिक की हत्या कर दी।

    चलती ट्रेन में सैनिक की हत्या

    इंडियन आर्मी के जवान जिगर चौधरी कुछ दिनों की छुट्टी लेकर गुजरात के साबरमती में अपने घर जा रहे थे। 2 नवंबर की रात को वह पंजाब के फिरोजपुर स्टेशन से ट्रेन संख्या 19224, जम्मू तवी-साबरमती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में चढ़े। यात्रा के दौरान उन्होंने B4 एसी कोच के अटेंडेंट से कंबल और चादर की मांग की।

    आरोप है कि अटेंडेंट ने उन्हें कंबल और चादर देने से मना कर दिया। इससे दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। जल्द ही यह कहा-सुनी हाथापाई में बदल गई। मामला इतना बढ़ गया कि कोच अटेंडेंट ने चौधरी के पैर में चाकू मार दिया, जिससे जवान की एक नस कट गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

    पुलिस जांच में अब तक क्या हुआ?

    बीकानेर पहुंचने पर, सरकारी रेलवे पुलिस ने ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की। आरोपी कोच अटेंडेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

    आरोपी अटेंडेंट की पहचान जुबैर मेमन के रूप में हुई है जिसे हत्या के आरोप में एक चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। रेलवे के अनुसार, जुबैर को एक कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए काम पर रखा गया था अब उसे नौकरी से निकाल दिया गया है। मामले की आगे की जांच चल रही है।

    नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने क्या कहा

    इस मामले में एक गैर-सरकारी संस्था सह्याद्री राइट्स फोरम की शिकायत के बाद, NHRC ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के डायरेक्टर जनरल को नोटिस जारी किया है। कमीशन ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन करते हैं।

    प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई की और रेलवे से आरोपी कोच अटेंडेंट की नियुक्ति प्रक्रिया, योग्यता, ट्रेनिंग और पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित सभी दस्तावेज मांगे हैं। रेलवे बोर्ड और RPF को दो सप्ताह के अंदर कमीशन को कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।