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सुभाष चंद्रा के दिवाला मामले में एनसीएलटी का फैसला अटका, आज पांच सदस्यीय पीठ करेगी सुनवाई

Updated: Tue, 01 Sep 2026 01:55 AM (IST)

मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवाला मामले में एनसीएलटी की पीठ बहुमत से फैसला नहीं कर पाई।

एनसीएलटी में बहुमत से नहीं हो पाया फैसला।

 एनसीएलटी में बहुमत से नहीं हो पाया फैसला।

HighLights

  1. सुभाष चंद्रा दिवाला मामले में एनसीएलटी पीठ बहुमत से फैसला नहीं कर पाई।

  2. 6.5 करोड़ रुपये की योजना पर निर्णय के लिए पांच सदस्यीय पीठ गठित।

  3. कर्जदाताओं को 22 हजार करोड़ के दावों पर 99.97% 'हेयरकट'।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की एक पीठ सोमवार को बहुमत से फैसला नहीं ले सकी। चंद्रा के 6.5 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान योजना पर निर्णय के लिए एक पांच सदस्यीय पीठ गठित की गई है।

एनसीएलटी के इतिहास में पहली बार गठित पांच सदस्यीय पीठ मंगलवार को मामले में सुनवाई करेगी। यह मामला 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक के दावों के मुकाबले एस्सेल समूह के चेयरमैन चंद्रा को 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान की योजना को मंजूरी देने से जुड़ा है।

इस बीच, पुनर्भुगतान योजना का विरोध करने वाले कर्जदाताओं ने योजना को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के तीसरे सदस्य के आदेश के खिलाफ अपीलीय ट्रिब्यूनल का रुख किया है। इससे पहले न्यायाधिकरण के न्यायिक सदस्य अशोक कुमार भारद्वाज और तकनीकी सदस्य रीना सिन्हा पुरी की पीठ ने बहुमत नहीं बन पाने की स्थिति में मामले को एनसीएलटी के अध्यक्ष के पास भेज दिया।

चार साल से चल रहे मामले को मूल पीठ के दोनों सदस्यों के बीच मतभेद के बाद तीसरे सदस्य नीलेश शर्मा के पास भेजा गया था।

शर्मा ने 26 अगस्त को अपने आदेश में करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के कर्जदाताओं के दावों के मुकाबले चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला समाधान योजना के तहत 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी थी। इस तरह कर्जदाताओं को बकाया राशि का करीब 99.97 प्रतिशत नुकसान (हेयरकट) उठाना था।

नियम के तहत तीसरे सदस्य की राय को मूल पीठ के पास औपचारिक आदेश के लिए भेजा गया था। हालांकि सोमवार को मूल पीठ ने कहा कि तीसरे सदस्य ने दोनों सदस्यों से अलग स्वतंत्र राय दी है और इस कारण मामले में कोई बहुमत की राय नहीं बन सकी।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)