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'रात 10 बजे भी हर महिला की सुरक्षा पक्की करें', हाल की रेप घटनाओं पर SC ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार

Published: Mon, 05 Oct 2026 12:22 PM (IST)Updated: Mon, 05 Oct 2026 01:16 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को यौन अपराधियों के मन में डर पैदा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश। (फाइल फोटो।)

सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए।

  2. यौन अपराध करने वालों के मन में डर पैदा करें।

  3. हालिया रेप मामलों पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली पुलिस को याद दिलाया कि उन्हें ऐसे पुरुषों के मन में डर पैदा करना चाहिए जो यौन अपराध करने की प्रवृत्ति रखते हैं।

हाल ही में दिल्ली और आसपास के इलाकों में सामने आए रेप के मामलों (जिनमें स्लीपर बस में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप का मामला भी शामिल है) पर खुद संज्ञान लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अब तक के सबसे स्पष्ट निर्देश में कहा कि जब तक पुलिस असामाजिक तत्वों के मन में यह डर पैदा नहीं करती कि यौन अपराध करने पर वे निश्चित रूप से मारे जाएंगे ("अब कुछ किया तो मर जाएंगे") तब तक स्थिति नहीं सुधरेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से किए सवाल

दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में हुए गैंगरेप केस का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से उन जरूरी कदमों के बारे में सवाल किया जो उठाए जाने चाहिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "कहा गया है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले में भी लोगों ने आपको इन लोगों (अपराधियों) के बारे में चेतावनी दी थी।"

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा, "आप ऐसे अपराधों को कैसे रोकते हैं? हम यह पक्का करना चाहते हैं कि ऐसे अपराध रुकें। अगर हम मिलकर काम करें तो बदलाव ला सकते हैं। ऐसा माहौल बनाया जाए कि रात 10 बजे भी हर महिला सुरक्षित महसूस करे।" साथ ही कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में इस समस्या से निपटने के लिए एक वॉर रूम बनाने के बारे में जानकारी भी मांगी।

सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया निर्भया केस

एक सुझाव यह था कि यौन अपराधियों के राष्ट्रीय डेटाबेस से संदिग्धों पर नजर रखी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हम आपसे जोर देकर कहते हैं कि सभी पहलुओं पर ध्यान दें। ऐसा नहीं होना चाहिए कि अगले चार हफ्तों में ऐसी और घटनाएं हों। कॉलेजों पर ध्यान दें। वहां ऐसे मनचले होते हैं जो छात्राओं को परेशान करते रहते हैं। हमें बताया गया है कि दिल्ली भर में हजारों अनधिकृत खाने-पीने की जगहें हैं और वहां असामाजिक तत्व जमा होते हैं। ऐसी जगहों पर शराब की भी अनुमति होती है।"

जस्टिस पारदीवाला ने 2012 के निर्भया मामले का जिक्र किया और पुलिस को याद दिलाया कि उस मामले में भी दोषियों ने वह बर्बर अपराध करने से पहले खाना खाया था और शराब पी थी।

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