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    जलप्रलय की चपेट में असम: 10 हजार हेक्टेयर फसल तबाह, रेल पटरियां डूबने से थमीं ट्रेनें

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 12:30 AM (IST)

    असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, इस वर्ष की बाढ़ में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से बिश्वनाथ, कछार, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराईदे ...और पढ़ें

    जलप्रलय की चपेट में असम: 10 हजार हेक्टेयर फसल तबाह (फोटो- एएनआई)

    जलप्रलय की चपेट में असम: 10 हजार हेक्टेयर फसल तबाह (फोटो- एएनआई)

    HighLights

    1. 1.70 लाख लोग प्रभावित, 10,362 हेक्टेयर फसल डूबी

    2. पटरियां डूबने की वजह से राज्य में रेल यातायात प्रभावित

    पीटीआई, गुवाहाटी। लगातार वर्षा से सोमवार को ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई। इस कारण राहत और बचाव कार्यों में राज्य एजेंसियों की मदद के लिए सेना को तैनात करना पड़ा है।

    पटरियां डूबने की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया या उन्हें स्थगित किया गया या गंतव्य से पहले ही खत्म कर दिया गया। मौसम विभाग ने राज्य में अगले पांच दिनों में भारी वर्षा होने की अनुमान जताया है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

    असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, इस वर्ष की बाढ़ में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से बिश्वनाथ, कछार, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराईदेव, गोलाघाट, तिनसुकिया, लखीमपुर, कार्बी आंगलोंग, शिवसागर, उदलगुरी और जोरहाट जिलों में 1.70 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

    बाढ़ के पानी में 10,362 हेक्टेयर से अधिक फसल भी डूब गई है। टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की असम इकाई का कहना है कि नगालैंड से आने वाली नदियां अचानक उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

    डोरिका नदी पर तटबंध टूटने से हालात और बिगड़ गए, जिससे नाजिरा इलाके में चाय बागानों का बड़ा हिस्सा डूब गया। दरअसल, बहुत अधिक वर्षा के कारण जाजी, दिखो और दिचांग नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

    खबरें और भी

    ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद माजुली और जोरहाट के बीच सभी फेरी सर्विस को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है। इससे हजारों दैनिक यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ गई है।

    रेलवे ने बताया कि डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया से लंबी दूरी की ट्रेनों को ब्रह्मपुत्र के उत्तरी किनारे पर रंगिया-रंगपारा मार्ग से डायवर्ट किया गया है, जबकि कई लोकल ट्रेनों को या तो रद कर दिया गया है या पहले ही समाप्त कर दिया गया।

    नगालैंड में भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 10 हुई

    नगालैंड के मोन जिले में लगातार वर्षा से आई अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। सोमवार को दूसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान जारी रहा।

    आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि अब तक पांच शव निकाले जा चुके हैं, जबकि बाकी पांच शव निकालने की कोशिशें जारी हैं। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोमवार को जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।