तमिलनाडु चुनाव: हर चौथा उम्मीदवार करोड़पति, 95 प्रत्याशी अनपढ़; कितनों के ऊपर आपराधिक मामले?
तमिलनाडु चुनाव में 18% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि हर चौथा उम्मीदवार करोड़पति है। एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट ...और पढ़ें
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में हिस्सा ले रहे उम्मीदवारों में से 18 प्रतिशत के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। चुनावी मैदान में उतरा हर चौथा उम्मीदवार करोड़पति है। जबकि केवल 442 (11 प्रतिशत) महिला उम्मीदवार हैं। यह जानकारी सोमवार को एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की एक रिपोर्ट से सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार, 3992 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि 722 (18 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 404 (10 प्रतिशत) ने गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है। 2021 के विधानसभा चुनावों में 3559 उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया था। इनमें से 466 (13 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे और 207 (छह प्रतिशत) ने गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की थी।
18% के खिलाफ आपराधिक मामले
अन्नाद्रमुक के उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा आराधिक मामले जहां तक प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की बात है तो अन्नाद्रमुक के 170 उम्मीदवारों में से 118 (69 प्रतिशत) पर आराधिक मामले हैं। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के 231 उम्मीदवारों में से 92 (40 प्रतिशत), द्रमुक के 175 उम्मीदवारों में से 70 (40 प्रतिशत), भाजपा के 33 उम्मीदवारों में से 16 (48 प्रतिशत) और कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों में से 14 (50 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं।
22 प्रत्याशी अरबपति
जिन उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया, उनमें से 981 (25 प्रतिशत) करोड़पति हैं। जबकि 22 अरबपति हैं, जिनके पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। अरबपति उम्मीदवारों में कांग्रेस के दो, द्रमुक के सात, अन्नाद्रमुक के तीन और टीवीके के आठ हैं। शेष का अन्य दलों से जुड़ाव है। इस बार उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.17 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले चुनाव में यह 1.72 करोड़ रुपये थी। चार उम्मीदवारों ने कोई संपत्ति घोषित नहीं की है।
95 उम्मीदवार अनपढ़
1711 (43 प्रतिशत) उम्मीदवार 5वीं से 12वीं तक पढ़े-लिखे हैं। 1822 (46 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने स्नातक या उससे ऊपर की पढ़ाई की है। 95 उम्मीदवार अनपढ़ हैं और 56 उम्मीदवार केवल साक्षर हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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