मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव: अमेरिका ने तेज किए हमले ईरान बोला- हमारे लिए युद्ध आरंभ
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूर्णकालिक युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है, जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद हमले तेज हुए। ...और पढ़ें

मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव। (फाइल)
HighLights
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद हमले तेज।
ईरान ने अमेरिका को खार्ग द्वीप पर कब्जे के खिलाफ चेताया।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, वैश्विक ऊर्जा बाजार में संकट।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूर्णकालिक युद्ध के मुहाने तक जा पहुंचा है। जार्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी हमले में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद सोमवार को ईरान पर हमले और तेज हो गए। ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि वास्तविकता ये है कि हमारे लिए पूर्णकालिक युद्ध शुरू हो चुका है और इसका चाहे जो नतीजा हो, उसे स्वीकार करने के लिए ईरान तैयार है। साथ ही, ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने खार्ग द्वीप पर कब्जे की कोशिश की तो उसके सैनिक जिंदा वापस नहीं लौट पाएंगे।
होर्मुज स्ट्रेट में ओमान की तरफ एक और व्यापारिक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। आईआरजीसी ने बताया कि उसने जहाज पर हमला किया। जहाज को नुकसान पहुंचा, लेकिन उस पर सवार नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
संकट बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची हैं। वहीं, अमेरिका में भी तेल की कीमत बढ़कर चार डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई। इससे नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर दबाव बढ़ गया है।
दोनों पक्षों ने बातचीत फिर से शुरू करने के संकेत दिए
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने सोमवार को बातचीत फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ज्यादा जानकारी न देते हुए केवल इतना बताया कि ईरान को तनाव घटाने के लिए विचार मिले हैं।
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वहीं, ट्रंप प्रशासन ने भी नई बातचीत में शामिल होने के लिए संकेत दिए हैं। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पत्रकारों से कहा कि अगर बातचीत के दरवाजे खुलते हैं, तो हम इसका स्वागत करेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि हमारा बेहतर व्यवहार देखने के लिए दूसरे पक्ष को भी अच्छा बर्ताव करना होगा।
हालांकि, दोनों पक्ष इतनी जल्दी समझौते पर पहुंच सकेंगे, इसमें संदेह है क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भेजे जा रहे हैं। इससे संकेत मिला कि ट्रंप प्रशासन अपने हमलों को तेज करने की तैयारी कर रहा है।
बघाई ने ट्रंप की खार्ग द्वीप पर कब्जे से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान में ऐसे लोग हैं जो अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। खार्ग द्वीप और उसके आसपास सामना करने के लिए पूरी तैयारी है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन में तेहारन के खिलाफ व्यापक आक्रामक अभियान शुरू करने की योजना की समीक्षा की जा रही है। ईरान पर हवाई हमलों को और तेज करते हुए भीषण जमीनी अभियानों के जरिये अहम बुनियादी ढांचों पर निशाना बनाने की संभावना टटोली जा रही है।
बता दें कि खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत के तट से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है और रणनीतिक रूप से देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिसंपत्तियों में गिना जाता है।
रायटर्स के अनुसार, तबरीज में अमेरिकी हमले में एक नागरिक की मौत हुई है। तबरीज में आईआरजीसी के भूमिगत मिसाइल अड्डे स्थित हैं। इसके अलावा खुजेस्तान प्रांत में बंदर इमाम खोमैनी, होर्मोजगान प्रांत में सिरिक और जास्क और सिस्तान में कोनारक और चाबहार और बलूचिस्तान प्रांत में हमले हुए।
बुशहर प्रांत में तमाम जगहों पर हमलों की वजह से बिजली व्यवस्था ठप हो गई। हमलों को लेकर ट्रंप ने कहा कि ये हमले हमने हमारे मारे गए जवानों के सम्मान में किए हैं। हमने ईरान पर बहुत तगड़े हमले किए हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। ईरान के पास कुछ भी बचा नहीं है। बता दें कि जॉर्डन में ईरानी हमलों में मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है, जबकि एक अन्य लापता बताया गया है। ईरान युद्ध में अब तक 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।
हाउती ने सऊदी अरब के लिए लागू की नाकेबंदी
एपी के अनुसार, यमन और सऊदी अरब के बीच संघर्ष का नया मोर्चा खुलने की आशंका बढ़ गई है। यमन के हाउती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का एलान कर दिया है। हाउती सैन्य प्रवक्ता याहया सारी ने बताया कि पिछले हफ्ते सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की प्रतिक्रिया में तत्काल प्रभाव से ऐसा किया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सऊदी अरब पाइपलाइन के जरिये लाल सागर क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात कर रहा था। आपूर्ति बाधित होने से दुनिया के ऊर्जा बाजार में नई मुश्किल खड़ी हो सकती है।
हाउती मीडिया कार्यालय ने एक्स पर बताया कि सऊदी अरब के जहाजों के लिए बाब अल मंदेब स्ट्रेट का रास्ता बंद रहेगा। बता दें कि बाब अल मंदेब से स्वेज नहर के रास्ते दुनिया के 12 प्रतिशत व्यापारिक माल की आवाजाही होती है। सऊदी अरब ने नए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जॉर्डन ने की मदद, अमेरिकी सैन्य अड्डे तबाह: आईआरजीसी
एएनआई के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि जॉर्डन की खुफिया जानकारी के आधार पर उसने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए, जिसके चलते बड़ी सफलता हाथ लगी है।
आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि हमले में अल अजरक एयर बेस पर अमेरिका के 20 हैंगर तबाह कर दिए गए। दर्जनों की संख्या में अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। हालांकि, अमेरिकी सेंटकाम की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई।
आईआरजीसी ने आगे कहा कि अकाबा हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में अमेरिकी सी-17 सैन्य परिवहन विमान और पी-8 सर्विलांस विमान के साथ-साथ कई सामरिक उपकरणों को भी तबाह किया गया है।