मिसाइल, रॉकेट और इंटरसेप्टर में क्या है अंतर, कैसे काम करते हैं इनके सिस्टम?
मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, रॉकेट और इंटरसेप्टर में क्या है फर्क और यह चारों कैसे करते हैं काम? आइए जानते हैं ये चारों कैसे काम करते हैं और इनका उपयोग क ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में इस्तेमाल होने वाले शब्द मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, रॉकेट और इंटरसेप्टर अक्सर एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका, उपयोग और तकनीक एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं। आज के समय में इनकी सही समझ बेहद जरूरी हो गई है।
आइए जानते हैं क्या है मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, रॉकेट और इंटरसेप्ट में अंतर और यह कैसे करते हैं काम?

क्या होती है मिसाइल?
मिसाइल एक गाइडेड यानी निर्देशित हथियार प्रणाली होती है। इसमें रडार, इंफ्रारेड या जीपीएस जैसे सिस्टम लगे होते हैं, जो इसे लक्ष्य तक सही रास्ते पर ले जाते हैं। यह उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है, इसलिए इसका निशाना काफी सटीक होता है।
मिसाइल को जमीन, हवा या समुद्र से लॉन्च किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर क्रूज मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन के लक्ष्य को सटीक तरीके से निशाना बनाती है।

क्या होती है बैलेस्टिक मिसाइल?
बैलिस्टिक मिसाइल, मिसाइल का ही एक खास प्रकार है। इसे लॉन्च करने के बाद यह बहुत ऊंचाई तक जाती है और फिर तय रास्ते यानी ट्रैजेक्टरी पर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में लक्ष्य की ओर बढ़ती है। इसकी रेंज छोटी दूरी से लेकर अंतरमहाद्वीपीय (ICBM) तक हो सकती है। इसकी गति बहुत तेज होती है, इसलिए इसे रोकना काफी मुश्किल होता है।

रॉकेट क्या होता है?
रॉकेट एक तरह का प्रोपल्शन सिस्टम है, जो गैस के तेज उत्सर्जन से थ्रस्ट पैदा करता है। यह सिर्फ हथियार नहीं होता, बल्कि इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष मिशन और सैटेलाइट लॉन्च में भी होता है। पारंपरिक रॉकेट आमतौर पर अनगाइडेड होते हैं, लेकिन आधुनिक अंतरिक्ष रॉकेट में गाइडेंस सिस्टम भी होता है। सेना में मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम (MRLS) के जरिए इनका उपयोग किया जाता
है।
इंटरसेप्टर क्या होता है?
इंटरसेप्टर एक रक्षात्मक मिसाइल प्रणाली है। इसका काम दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही नष्ट करना होता है। यह एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल (ABM) सिस्टम का हिस्सा होता है। इसमें अत्याधुनिक ट्रैकिंग और 'हिट-टू-किल' तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिससे यह आने वाली मिसाइल को बीच रास्ते में ही खत्म कर देता है। यह किसी भी देश की मिसाइल डिफेंस प्रणाली का अहम हिस्सा होता है।

चारों में मुख्य अंतर क्या है?
मिसाइल गाइडेड होती है और सटीक हमले के लिए इस्तेमाल की जाती है। बैलिस्टिक मिसाइल लंबी दूरी तय करती है और बहुत तेज गति से तय रास्ते पर चलती है। रॉकेट एक प्रोपल्शन सिस्टम है, जिसका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में होता है। वहीं इंटरसेप्टर एक डिफेंस सिस्टम है, जो दुश्मन की मिसाइल को रोकने के लिए बनाया गया है।
क्रूज मिसाइल क्या होती है और क्यों खास है?
क्रूज मिसाइल एक गाइडेड मिसाइल होती है, जो जमीन, समुद्र या हवा से छोड़ी जाती है और बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हुए लक्ष्य पर सटीक हमला करती है। यह विमान की तरह पूरे रास्ते इंजन की मदद से उड़ती रहती है, इसलिए इसे क्रूज कहा जाता है।
यह जीपीएस, इनर्शियल नेविगेशन और टेरेन मैपिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करती है, जिससे यह रास्ते में अपने मार्ग को सुधारते हुए लक्ष्य तक पहुंचती है। इसके कई प्रकार होते हैं, जैसे जमीन पर हमला करने वाली, जहाजों को निशाना बनाने वाली, और अलग-अलग गति वाली (सब-सोनिक, सुपर-सोनिक, हाइपर-सोनिक) मिसाइलें।
क्रूज मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीकता और रडार से बचने की क्षमता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशनों में किया जाता है और यह आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुकी है।
भारत की जमीन से होगा ईरान पर हमला? विदेश मंत्रालय ने दावों को बताया फर्जी
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।