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ओडिशा के जंगल से मिले नन्हे मेहमानों को मिला नया 'घर', नंदनकानन में इंसानी हाथों से संवरेगा बचपन

Published: Wed, 09 Sep 2026 02:23 PM (IST)

ओडिशा के बालासोर जिले के रानाकाथा प्रोटेक्टेड रिजर्व फॉरेस्ट से पांच छोटे ओरंगुटान बच्चों को बचाया गया है। इन सभी ...और पढ़ें

HighLights

  1. बालासोर के जंगल से पांच ओरंगुटान बच्चों को बचाया गया।

  2. नंदनकानन जू में क्वारंटीन, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में।

  3. विशेषज्ञों की देखरेख में मिल रही है उचित चिकित्सा और देखभाल।

डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। ओडिशा के बालासोर जिले में बाडापाई गांव के पास स्थित रानाकाथा प्रोटेक्टेड रिजर्व फॉरेस्ट से ओरंगुटान के पांच छोटे बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है। बचाए गए बच्चों में दो मादा और तीन नर ओरंगुटान शामिल हैं, जिनकी उम्र एक साल से भी कम है। उल्लेखनीय है कि यह जंगल ओरंगुटान का प्राकृतिक आवास नहीं है, जिससे उनके यहां मिलने पर कई सवाल उठ रहे हैं।

बालासोर के डिवीजन फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) इंदाल्कर प्रतीक प्रकाश के अनुसार, वन विभाग की टीम द्वारा इन सभी को रेस्क्यू करने के बाद इलाज और बेहतर देखभाल के लिए भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में भेजा गया है।

चिड़ियाघर पहुंचते ही वरिष्ठ वन्यजीव अधिकारियों की निगरानी में इन छोटे प्राइमेट्स का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें तुरंत अपनी देखरेख में ले लिया गया।

इंसानी हाथों द्वारा किया जाएगा लालन-पालन 

इन बच्चों की बेहद कम उम्र को ध्यान में रखते हुए, चिड़ियाघर प्रशासन ने इन्हें विशेष सुरक्षा और पोषण देने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी बच्चों का लालन-पालन नंदनकानन के 'सेंटर फॉर रियरिंग एनिमल बेबीज' में इंसानी हाथों द्वारा किया जाएगा। यह केंद्र खास तौर पर अनाथ, घायल और रेस्क्यू करके लाए गए नन्हे जानवरों की देखभाल और हाथ से पालन-पोषण के लिए तैयार किया गया है।

नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप मिरासे ने बताया कि बालासोर वाइल्डलाइफ डिवीजन की ओर से कल रात लगभग 10:30 बजे इन बच्चों को ज़ू को सौंपा गया। पार्क प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की, उन्हें साफ़ किया और लिंग की पहचान करने के बाद सुरक्षित क्वारंटीन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया।

CCTV से रखी जा रही है निगरानी

क्वारंटीन सेंटर में रखे गए इन मासूमों की सुरक्षा और देखभाल के लिए 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। विशेष स्टाफ को उनकी देखरेख और भोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें से कुछ बच्चे स्वयं अपने हाथों से केले खा रहे हैं, जबकि दो बच्चे अत्यधिक छोटे हैं जिन्हें विशेष देखभाल दी जा रही है।

आगमन के दौरान एक बच्चे को बुखार की शिकायत थी, जिसे डॉक्टरों की देखरेख में तुरंत दवा दी गई। फिलहाल सभी बच्चों की सेहत स्थिर बताई जा रही है। पशुचिकित्सक यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी गहन जांच कर रहे हैं कि उन्हें कोई छिपी हुई या गंभीर बीमारी न हो। अधिकारियों के अनुसार, अगले आदेश तक ये सभी ओरंगुटान नंदनकानन ज़ू के क्वारंटीन सेंटर में ही रहेंगे।

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