कॉमनवेल्थ में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद बहाने बनाने लगे अरशद नदीम, पाकिस्तानी एथलीट की हुई जमकर 'थू-थू'
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपने खराब प्रदर्शन का कारण अत्यधिक ठंड को बताया, जिससे उन्हें सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना क ...और पढ़ें

अरशद नदीम

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पीटीआई, लाहौर। पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम ने कहा कि हाल ही में समाप्त हुए राष्ट्रमंडल खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंटरनेट मीडिया पर उनके विरुद्ध की गई कठोर टिप्पणियों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
पेरिस 2024 ओलंपिक में 92.97 मीटर के ओलिंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले नदीम ने कहा कि ग्लासगो में उनका खराब प्रदर्शन मुख्य रूप से बेहद ठंडे मौसम के कारण रहा। ठंड की वजह से उनका शरीर अकड़ गया था और मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था, जिससे वह अपने थ्रो के लिए जरूरी गति और रन-अप नहीं बना सके।
अरशद नदीम कॉमनवेल्थ गेम्स फाइनल में नौवें स्थान पर रहे
हाल ही में संपन्न 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में नदीम पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में 77.41 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ नौवें स्थान पर रहे। वह बर्मिंघम 2022 में 90.18 मीटर के खेल रिकॉर्ड थ्रो के साथ जीता गया अपना स्वर्ण पदक बचाने में नाकाम रहे।
नदीम ने कहा कि मैं जो हुआ उसके लिए बहाने नहीं बनाना चाहता, लेकिन जो लोग मेरे बारे में अपमानजनक और दिल दुखाने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मैं इसी मिट्टी का बेटा हूं और पहले भी इस देश के लिए पदक जीत चुका हूं। वह प्रारंभिक दौर के बाद शीर्ष आठ खिलाड़ियों में जगह बनाने में भी असफल रहे।
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श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने जीता स्वर्ण
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। यह पहला अवसर था जब राष्ट्रमंडल खेलों की भाला फेंक स्पर्धा के पोडियम पर दो भारतीय खिलाड़ी साथ खड़े हुए।
नदीम ने कहा कि सफलता, प्रसिद्धि और ओलंपिक स्वर्ण के बाद मिली आर्थिक समृद्धि के बावजूद वह कभी घमंडी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने मुझे हमेशा जमीन से जुड़े रहने और अपनी जड़ों को कभी न भूलने की सीख दी है। मैं न पैसे की वजह से घमंडी हूं और न ही शोहरत की वजह से।
नदीम ने जताई वापसी की उम्मीद
उन्होंने कहा कि फाइनल में कई अन्य खिलाड़ियों को भी असामान्य रूप से ठंडे मौसम के कारण परेशानी हुई और इसी वजह से कई फाउल थ्रो देखने को मिले। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण किसी भी भाला फेंक खिलाड़ी के लिए अपने शरीर की मांसपेशियों और थ्रो के दौरान लय को लगातार बनाए रखना बेहद मुश्किल हो जाता है। नदीम ने कहा कि उन्हें हमेशा अपने देशवासियों के समर्थन की जरूरत रहती है और उन्हें पूरा भरोसा है कि वह जल्द ही फिर से जीत की राह पर लौटेंगे।