8 साल की उम्र में गंवाया हाथ, अब पैरा एशियाई खेलों में लगाई 'स्वर्णिम कूद'; गोल्ड मेडल जीत रचा इतिहास
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में ऊना के निषाद कुमार ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता।

निषाद कुमार

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अजय टबयाल, अंब। जापान के आइची-नागोया में हो रहे एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर ऊना के स्टार एथलीट निषाद कुमार ने देश के लिए स्वर्ण जीत लिया। निषाद यूं तो अकसर ऊंची कूद में ही हिस्सा लेते हैं, और इस स्पर्धा में वह दो ओलिंपिक रजत पदक भी जीत चुके हैं। लेकिन यह पहली बार है जब वो लंबी कूद के मुकाबले में उतरे और स्वर्णिम छलांग लगा दी।
उनकी इस शानदार उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। निषाद के स्वजन और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। निषाद कुमार का मुकाबला सोमवार ने जापान के स्थानीय समयानुसार शाम 5:10 बजे शुरू हुआ। उनके स्वजन ने घर पर टीवी के माध्यम से मुकाबले का सीधा प्रसारण देखा।
उनके स्वर्ण जीतते ही स्वजन खुशी से झूम उठे। एशियाई पैरा खेलों की लांग जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद निषाद कुमार ने बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रिश्तेदारों, दोस्तों और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
निषाद कुमार का बचपन संघर्षों से भरा
निषाद कुमार का जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा है। महज आठ वर्ष की आयु में चारा काटने वाली टोका मशीन में आने के कारण उनकी कोहनी के नीचे दाहिनी बाजू कट गई थी। इस शारीरिक चुनौती को उन्होंने कमजोरी नहीं बनने दिया। बल्कि ताकत में बदलकर खेलों की दुनिया में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। स्कूल से जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं के सुनहरे सफर की शुरुआत की।
इसके बाद निषाद ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया और फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का सिर गर्व से ऊंचा किया। कड़ी मेहनत से निषाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। पैरालिंपिक खेलों में लगातार दो बार रजत पदक जीतने के बाद अब एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी उपलब्धियों में एक और अध्याय शामिल हो गया है।
निषाद के पदक जीतने पर मां ने जताई खुशी
निषाद कुमार की इस शानदार उपलब्धि पर उनकी माता पुष्पा देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। उन्होंने कहा कि निषाद ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। बचपन से ही कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उसने कभी हार नहीं मानी और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
बेटे को देश के लिए स्वर्ण पदक जीतते देखना पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का पल है। पुष्पा देवी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि निषाद कुमार की उपलब्धियों और खेल के क्षेत्र में देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के योगदान को देखते हुए उसे सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
