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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय एथलीटों को दिया 'गुरुमंत्र', बताया ओलंपिक में कैसे मिलेगी बड़ी कामयाबी

Updated: Thu, 27 Aug 2026 02:32 PM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी ने ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि पदक तालिका में सुधार हो सके। ...और पढ़ें

HighLights

  1. पीएम मोदी ने ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया

  2. भारत को सभी खेलों में हिस्सा लेना चाहिए, सिर्फ मजबूत खेलों में नहीं

  3. सर्फिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे नए खेलों को बढ़ावा देने की बात कही

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक में भारत की भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि भारत ओलंपिक में तब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता है, जब तक वे सभी खेलों में भाग न ले। उन्होंने 2012 का जिक्र किया, जहां भारत ने सिर्फ 13 खेलों में भाग लिया था। प्रधानमंत्री का मानना है कि भारत को सिर्फ उन्हीं खेलों में ध्यान नहीं देना चाहिए, जिसमें वो पहले ही मजबूत हैं।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) से पहले गुरुवार को खेलो इंडिया डॉयलॉग में वर्चुअल माध्यम से युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी आईआईटी गांधीनगर से जुड़े। इसी दौरान उन्होंने ओलंपिक में खेलों में भागीदारी बढ़ाने की बात कही। गौरतलब हो कि 2028 में लॉस एंजलिस में ओलंपिक होना है, जहां मेडल तालिका में भारत अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने बताई कड़वी सच्चाई

पीएम मोदी ने कहा, "ओलंपिक में कई तरह के खेल होते हैं, लेकिन भारतीय टीमें उनमें से आधे में भी हिस्सा नहीं लेतीं। इसका मतलब है कि पदक तालिका के बड़े हिस्से में हम प्रतिस्पर्धा ही नहीं कर रहे। ये एक कड़वी सच्चाई है, जो दशकों से चली आ रही है। 2012 में भारत ने सिर्फ 13 खेलों में भाग लिया था। 20 से ज्यादा आयोजनों में देश की मौजूदगी ही नहीं थी और कई प्रतियोगिताओं के बारे में देश में जानकारी भी कम थी।"

पेरिस 2024 ओलंपिक में भी भारत ने 32 खेलों में से केवल 16 में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री अब इन्हीं खेलों में भागीदारी को बढ़ाने की बात कर रहे हैं। पीएम मोदी का मानना है कि सिर्फ उन खेलों पर ध्यान केंद्रित करने से, जिनमें भारत पहले से मजबूत है, पदक तालिका में बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

पीएम मोदी ने कुछ खेलों का दिया उदाहरण

पीएम ने सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे खेलों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "भारत के पास विशाल समुद्री तट और पहाड़ी इलाके हैं, जहां इन खेलों के लिए प्राकृतिक अनुकूलता हो सकती है। फिर भी इन खेलों में विश्व स्तर पर भारत की कोई खास उपस्थिति नहीं दिखती। अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के मौके तलाशने होंगे। पदक तालिका बढ़ाने के लिए इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।"

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