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    'किसी ने ध्‍यान नहीं दिया', भारत को थॉमस कप में मेडल‍ दिलाने वाले हीरो ने बयां किया अपना दर्द

    Updated: Wed, 06 May 2026 03:03 PM (IST)

    भारतीय शटलर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने निराशा जाहिर की है कि फैंस ने उनके ऐतिहासिक थॉमस कप में ब्रॉन्‍ज मेडल जीतने से ज्‍यादा ध्‍यान आईपीएल और राजनीत ...और पढ़ें

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    भारतीय बैडमिंटन टीममिंटन 

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    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारतीय टीम ने हाल ही में थॉमस कप में ब्रॉन्‍ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। हालांकि, भारतीय खिलाड़‍ियों की उपलब्धि जल्‍द ही निराशा में बदल गई क्‍योंकि एयरपोर्ट पर फैंस का समर्थन नहीं मिला।

    सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, लक्ष्‍य सेन और किदांबी श्रीकांत से फ्लाइट में मौजूद भारतीय यात्रियों ने उनकी उपलब्धि के बारे में बात तक नहीं की। भारतीय शटलर्स इससे काफी निराश हुए। उनके मन में सवाल उठने लगे कि भारत जैसे देश में बैडमिंटन को पेशेवर खेल के रूप में अपनाया गया है या नहीं?

    सात्विक ने इंडियन एक्‍सप्रेस को दिए इंटरव्‍यू में स्‍वीकार किया कि जब वो जर्मनी से हैदराबाद की फ्लाइट में बैठे तो पाया कि लोगों का ध्‍यान आईपीएल और राजनीति पर ज्‍यादा है। वो यह देखकर सन्‍न रह गए कि एक भी व्‍यक्ति ने उनसे यह नहीं पूछा कि आप कौन हैं और आपने कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल की।

    रंकीरेड्डी ने क्‍या कहा

    हम एयरपोर्ट पर थे। जर्मनी से हैदराबाद की फ्लाइट करीब सात घंटे की थी। किसी ने हमसे पूछा नहीं कि हम कौन हैं और हमने कौनसा मेडल जीता। वहां बहुत भारतीय थे, काफी तेलुगु लोग भी थे। हमने थॉमस कप की जर्सी पहन रखी थी, लेकिन सभी लोग आईपीएल और राजनीति की बातों में व्‍यस्‍त थे। जब हमने 2022 में गोल्‍ड जीता था, तब भी ऐसा ही हुआ था। हम ज्‍यादा जश्‍न मना सकते थे। लोगों को एहसास नहीं कि ऐसे मौके शायद दोबारा नहीं आएं। थॉमस कप में जीतना मुश्‍किल है और मेडल जीतना ज्‍यादा कठिन। जब हम एयरपोर्ट पर उतरे तो प्रणय, श्रीकांत और ध्रुव ने कैब बुक की। किसी ने ध्‍यान नहीं दिया। मेरे दोस्‍त मुझे लेने आए थे, लेकिन मुझे एयरपोर्ट के दृश्‍य देखकर बहुत बुरा लगा। शीर्ष एथलीट्स कैब बुक कर रहे थे।

    - सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी

    सच्‍चाई जानकर लगा झटका

    सात्विक के डबल्‍स जोड़ीदार चिराग ने ध्‍यान दिया कि उन्‍हें दर्शकों की जरूरत तो नहीं थी, लेकिन सच्‍चाई पता चल गई कि किसी को फिक्र नहीं है।

    चिराग शेट्टी ने कहा, 'वो भावना थी कि किसी को फिक्र नहीं। हमें कभी ऐसी उम्‍मीद नहीं थी कि एयरपोर्ट पर भीड़ हमारा स्‍वागत करे। पिछली बार हम जीते थे तो अच्‍छी तरह हमें रिसीव किया गया, हम प्रधानमंत्री से मिले और हमारा सम्‍मान हुआ। मगर वैसा जश्‍न नहीं मना, जैसा बनना चाहिए था। जो बैडमिंटन देखते हैं, उन्‍होंने सराहना की। मगर आम जनता को 2022 की जीत की अहमियत का अंदाजा नहीं था। मुझे यह एहसास करके दुख होता है कि हम खेल वाले देश नहीं बन पाएं हैं। सरकार और संघ काफी कुछ प्रयास कर रही हैं, लेकिन उपलब्धियों का जश्‍न मनाने की अभी शुरूआत नहीं हुई है।'

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    अपने बच्‍चे को नहीं अपनाने दूंगा बैडमिंटन

    सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का गुस्‍सा यहां खत्‍म नहीं हुआ। उन्‍होंने कहा कि कम पहचान मिलने से उन्‍हें झटका लगा और वो अपने बच्‍चे को पेशेवर रूप से बैडमिंटन अपनाने नहीं देंगे क्‍योंकि तारीफ की कमी के चलते इसकी लोकप्रियता बरकरार रखना मुश्किल होगा।

    रेड्डी ने कहा, 'जब चिराग के डांस सेलिब्रेशन वाली रील वायरल हुई तो मुझे खुशी हुई। मगर फिर मुझे याद आता है कि कोई कुछ भी करने पर मिलियन फॉलोअर्स पा लेता है। मैंने खुद से पूछा क्‍यों? यहां हम जीतने के लिए खेल रहे हैं और अगर कोई चोटिल हो जाए तो उसका विकल्‍प नहीं है। हम टीम इवेंट्स में बिना समर्थन और बहुत दबाव में खेलने उतरते हैं। मगर पिछली बार खिताब काफी नहीं था, न ही इस बार ब्रॉन्‍ज मेडल। मैंने प्रणय से कहा कि अपने बच्‍चे को बैडमिंटन नहीं खेलने दूंगा। अगर आप मानसिक रूप से मजबूत हैं और प्रबंधन करें तो ठीक, वरना निरंतर बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल है क्‍योंकि देश के बड़े हिस्‍से के लोग आपके प्रदर्शन की तारीफ नहीं करते हैं। हैदराबाद एकेडमी में हमारा सम्‍मान हुआ। छोटा सा गुलदस्‍ता और केक काटना काफी था। हम किसी बड़ी चीज की उम्‍मीद नहीं करते हैं।'

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