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    भारत में फिर से फॉर्मूला वन रेस करना चाहती है सरकार, खेल मंत्री ने किया बीआईसी की दौरा

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 08:04 PM (IST)

    खेल मंत्रालय ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला वन रेस फिर से शुरू करने का इच्छुक है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में ट्रैक क ...और पढ़ें

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    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    पीटीआई, नई दिल्ली: खेल मंत्रालय भविष्य में ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) पर फॉर्मूला वन रेस फिर शुरू करने का इच्छुक है और 2013 में आखिरी बार भारत में हुई रेस फिर शुरू करने के लिए ट्रैक अधिकारियों से बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है।

    मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि खेलमंत्री मनसुख मांडविया पिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा में ट्रैक का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से बात भी की है जिसने अब दिवालिया को चुके ट्रैक के मालिक जेपी समूह से परिसर अपने नियंत्रण में ले लिया है।

    कोशिशों को मिलेगा बल

    अडानी समूह जेपी समूह खरीदने की दौड़ में है और अगर ऐसा हो गया तो भारत में रेस को वापिस लाने की कोशिशों को बल मिलेगा। अब खेल मंत्रालय ने भी इसमें रुचि दिखाई है तो संभावनाएं बढ़ गई हैं। भारत में 2011 से 2013 तक यह रेस हुई और फिर कर तथा नौकरशाही से जुड़े मसलों के कारण इसे फॉर्मूला वन कैलेंडर से बाहर कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, खेलमंत्री ने पिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा में ट्रैक का दौरा किया और बुनियादी ढांचे से वह काफी प्रभावित हैं। उन्होंने प्रमोटरों से बात भी की कि रेस दोबारा कब शुरू हो सकती है। उन्होंने ट्रैक मालिकों से किसी खेल प्रबंधन कंपनी को दो तीन साल या कानूनी मामला खत्म होने तक ट्रैक सौंपने के लिए कहा।

    ये है मसला

    एफवन की मेजबानी में टैक्स का मसला है, लेकिन यह जल्दी ही सुलझ जाएगा। वैसे फॉर्मूला वन को भारत में लाने की राह आसान नहीं है। अभी कैलेंडर में 24 रेस हैं और दुनिया भर के देशों ने इसकी मेजबानी की इच्छा जताई है। एक फॉर्मूला वन रेस के आयोजन में दो करोड़ से छह करोड़ डॉलर सालाना खर्च होते हैं। भारत के पक्ष में यह बात है कि यहां पहले से ही बीआईसी जैसा विश्व स्तरीय सर्किट हैं। भारत में हुई तीनों रेस बेहद कामयाब रहीं थीं।

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