Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    शिंदे के 29 पार्षद पहुंचे पांच सितारा होटल, उठने लगे सवाल

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 06:31 PM (IST)

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को तीन दिनों के लिए एक पांच सितारा ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    शिंदे के 29 पार्षद पहुंचे पांच सितारा होटल उठने लगे सवाल

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपानीत महायुति के स्पष्ट बहुमत हासिल करने करने के बावजूद सबकुछ ठीकठाक दिखाई नहीं दे रहा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने नवनिर्वाचित 29 पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में ठहरा दिया है। अगले तीन दिनों तक ये सभी पार्षद होटल में ही रहेंगे। वहीं उनसे पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

    227 सदस्यों वाली मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में इस बार भाजपा को 89 एवं शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिली हैं। दोनों मिलकर 118 के आंकड़े पर पहुंचते हैं। जबकि बहुमत के लिए सिर्फ 114 की जरूरत होती है। दूसरे नंबर का सबसे बड़ा दल 65 सीटों के साथ शिवसेना (यूबीटी) है। कांग्रेस के 24 पार्षद हैं।

    कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के छह पार्षद मिलकर भी बहुमत के आंकड़े से काफी दूर रहते हैं। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि शिंदे किसके डर से अपने पार्षदों को पांच सितारा होटल में ठहराने को बाध्य हो रहे हैं। बीएमसी सहित बृहन्मुंबई क्षेत्र की अन्य आठ महानगरपालिकाओं के चुनाव भाजपा और शिवसेना मिलकर लड़े हैं।

    मुंबई के बाद दूसरी महत्त्वपूर्ण महानगरपालिका शिंदे के गृहनगर ठाणे की है, जहां 131 सदस्यों के सदन में शिवसेना को 75 और भाजपा को 28 सीटें मिली हैं। यहां शिंदे की पार्टी अकेले ही अपना मेयर बना सकती है। ठाणे के भाजपा नेता शिंदे के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के बावजूद अब सत्ता में उनके साथ रहने के बजाय विपक्ष में बैठना चाह रहे हैं।

    जबकि मुंबई में शिवसेना की सिर्फ 29 सीटें होने के बावजूद मेयर पद पर उसके नेता दावा ठोंकने लगे हैं। यह स्थिति उसी कड़वाहट को जन्म दे सकती है, जैसी पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद शिंदे के मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ने से पैदा हुई थी। उस समय भी 5 दिसंबर, 2025 को शपथ ग्रहण के दिन तक एकनाथ शिंदे अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे थे कि वह उपमुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेंगे या नहीं।

    अंतिम क्षणों में उन्हें मनाया जा सका था, और तब उनका नाम शपथ ग्रहण करनेवालों की सूची में शामिल किया गया था। यदि पुनः एकनाथ शिंदे वैसी ही स्थिति मुंबई के मेयर के लिए पैदा करते हैं, तो न सिर्फ निकाय स्तर पर, बल्कि राज्य सरकार के स्तर पर भी साझा सरकार में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

    उद्धव के बयान ने सस्पेंस बढ़ाया

    शनिवार को सुबह अपनी पार्टी के चुने हुए पार्षदों को संबोधित करने के बाद जब पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे से पूछा कि क्या वह अभी भी मुंबई महानगरपालिका में अपना मेयर बनने की संभावना देखते हैं, तो उन्होंने उत्तर दिया कि ‘देवा चाहेंगे तो ऐसा होगा’।

    उद्धव के इस बयान को उद्धृत करते जब पुणे में पत्रकारों ने देवेंद्र फडणवीस से यही सवाल दोहराया गया, तो उन्होंने प्रतिप्रश्न किया कि ‘कौन से देवा ? मैं या ऊपर वाला देवा ?’ (महाराष्ट्र की राजनीति में अब देवेंद्र फडणवीस को देवा भाऊ के नाम से भी जाना जाने लगा है) । फिर स्वयं ही उन्होंने उत्तर दिया कि ऊपर वाले देवा की इच्छा है कि मुंबई में महायुति का मेयर बने, और ऐसा ही होगा। हम और एकनाथ शिदे मिलकर मुंबई का मेयर बनाएंगे।

     

    बता दें कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) अभी भी बीएमसी में अपनी हार को पचा नहीं पा रही है। उसके नेता संजय राउत का दर्द आज पत्रकारों से बात करते हुए तब छलक पड़ा, जब उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तुलना जयचंद से करते हुए कहा कि अगर वह धोखा नहीं देते, मुंबई का मेयर भाजपा का नहीं बनता।

    मुंबई में फिर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स! BMC चुनाव के बाद शिंदे के पार्षद होटल में शिफ्ट, क्या होगा कुछ बड़ा?