अंकिता भंडारी मामले में गरमाई राजनीति, दलित संगठनों ने कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक लाभ लेने का गंभीर आरोप
किता भंडारी हत्याकांड को लेकर गुरुवार को चार दलित संगठनों ने कांग्रेस पर ‘राजनीतिक अवसरवाद और चुनिंदा सामाजिक न्याय’ की राजनीति करने का आरोप लगाया।

दलित संगठनों ने कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक लाभ लेने का गंभीर आरोप (फाइल फोटो)
HighLights
अंकिता भंडारी मामले में दलित संगठनों ने कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
दलित संगठनों ने कहा, संवैधानिक मूल्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार नहीं किया जाना चाहिए इस्तेमाल
पीटीआई, नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर गुरुवार को चार दलित संगठनों ने कांग्रेस पर ‘राजनीतिक अवसरवाद और चुनिंदा सामाजिक न्याय’ की राजनीति करने का आरोप लगाया।
संगठनों ने सवाल उठाया कि क्या सामाजिक न्याय कांग्रेस के लिए निरंतर सिद्धांत है या राजनीतिक लाभ का साधन।
कांग्रेस नेतृत्व को लिखे अलग-अलग खुले पत्रों में सेल एससी-एसटी कर्मचारी महासंघ, एनबीसीसी एससी-एसटी कर्मचारी कल्याण संघ, डॉ. बीआर आंबेडकर वालीबाल क्लब और एससी हक्कुला पोराटा संगम ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
यह प्रतिक्रिया लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बुधवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर न्याय की मांग करने के बाद आई है।
उत्तराखंड के एक रिसार्ट में काम करने वाली अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम पर मामले में कथित ‘वीआइपी’ होने के आरोप लगे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। गौतम को हाल में सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। अंकिता के माता-पिता ने सीबीआइ जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति रोकने की मांग की है।
