दिग्विजय सिंह के फिर बिगड़े बोल, कहा- 'अल्पसंख्यक से ज्यादा बहुसंख्यक सांप्रदायिकता खतरनाक'; भाजपा भड़की
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता ...और पढ़ें

दिग्विजय के विवादित बोल, अल्पसंख्यक से ज्यादा बहुसंख्यक सांप्रदायिकता खतरनाक (फाइल फोटो)
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दिग्विजय के विवादित बोल, अल्पसंख्यक से ज्यादा बहुसंख्यक सांप्रदायिकता खतरनाक
भाजपा का आरोप, कांग्रेस हमेशा बहुसंख्यक समाज को निशाना बनाती है
जेएनएन, भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता से कहीं ज्यादा खतरनाक बहुसंख्यक सांप्रदायिकता होती है।
भोपाल में बुधवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बयान दिया, जिसके बाद राजनीति गरमा गई है।
नेहरू के विचारों का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू मानते थे कि सांप्रदायिकता समाज में नफरत फैलाती है।
उन्होंने आगे कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग की सांप्रदायिकता से ज्यादा खतरनाक बहुसंख्यक सांप्रदायिकता होती है और आज देश के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा सहित अन्य नेताओं ने इसे हिंदू समाज का अपमान और कांग्रेस की ओछी मानसिकता करार दिया है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस हमेशा बहुसंख्यक समाज को निशाना बनाती है। कांग्रेस पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता का बचाव किया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने केवल वही बात दोहराई है, जो देश की वास्तविक चिंता है।
उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आते ही वोट बैंक के लिए समाज में सांप्रदायिकता का जहर घोलती है।
कुछ दिन पहले इंदौर में भाजपा नेत्री उषा ठाकुर के सामने खुद को दिग्विजय ने घोर सनातनी बताया था। इस पर भाजपा नेता रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि दिग्विजय का सनातनी रूप केवल चुनाव और राजनीतिक लाभ के लिए एक ढोंग है। वह वोट बैंक की राजनीति के तहत बहुसंख्यक समाज (हिंदुओं) को निशाना बनाते हैं।
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