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    'जिस दिन मैं जेल गई...', शराब नीति केस में बरी होने के बाद छलका के. कविता का दर्द; बताया परिवार पर पड़ा असर

    Updated: Fri, 27 Feb 2026 07:59 PM (IST)

    के. कविता को दिल्ली शराब नीति मामले में बरी कर दिया गया है। उन्होंने गिरफ्तारी के दौरान परिवार पर पड़े गहरे असर को साझा किया, खासकर अपने बेटे और पालतू ...और पढ़ें

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    शराब नीति केस में बरी होने के बाद छलका के कविता का दर्द (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में कई नेताओं को बड़ी राहत मिली है। सुर्खियों में जहां अरविंद केजरीवाल के बरी होने की खबर छाई रही, वहीं एक और अहम नाम था तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता का। उन पर भी भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगे थे और उन्हें महीनों जेल में रहना पड़ा। अब अदालत ने उन्हें भी सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

    फैसले के कुछ घंटे बाद कविता ने कहा कि इस मामले ने उनके परिवार पर कितना गहरा असर डाला। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 में हैदराबाद स्थित उनके घर से जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, उस समय उनका छोटा बेटा इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा दे रहा था।

    कविता ने कहा कि आज के बच्चे सोशल मीडिया पर सब कुछ देखते हैं और उनके बेटे ने भी उनके खिलाफ की जा रही आलोचना और अपमानजनक टिप्पणियां देखीं। उनका बड़ा बेटा उस समय विदेश में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन छोटा बेटा घर पर ही था जब उन्हें जेल ले जाया गया।

    परिवार पर पड़ा गहरा असर

    कविता ने बताया कि जेल के पहले 15 दिन उनके लिए बेहद कठिन थे। उन्होंने कहा कि उस तनाव का असर पूरे परिवार पर पड़ा। यहां तक कि उनके पालतू कुत्ते पर भी इसका असर हुआ। उन्होंने कहा, "मेरे कुत्ते की आंखों की रोशनी चली गई। कई लोगों ने कहा कि यह घर के तनाव की वजह से हुआ।" कविता ने इसे अपने जीवन का बहुत बुरा दौर बताया।

    हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन समय ने उन्हें और उनके बच्चों को मजबूत बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे सत्ताधारी पार्टी के साथ नहीं थीं।

    अदालत पर जताया भरोसा

    कविता ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया क्योंकि उन्हें सच पर भरोसा था। उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले को गहराई से देखा और सच सामने आया। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरे देश के लिए बड़ी जीत है। अदालत के फैसले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा जांच एजेंसी से पूछे गए सवालों का भी जिक्र किया गया। इस मामले में मनीष सिसोदिया भी आरोपी थे और उन्हें भी राहत मिली है।

    परिवार और राजनीति से दूरी

    47 साल की कविता तेलंगाना की एक बड़े राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता के. चंद्रशेखर राव राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके भाई केटी रामा राव राज्य के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।

    लेकिन कविता ने कहा कि मुश्किल समय में उन्हें अपने परिवार और पार्टी से उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार पार्टी से सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में बोलने की अपील की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    उन्होंने यह भी कहा कि अब उनका अपने परिवार और पार्टी से रिश्ता पहले जैसा नहीं रहा। वे अब आगे बढ़कर लोगों के लिए काम करना चाहती हैं और उनका बीआरएस से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके पिता या भाई का फोन आए तो उन्हें खुशी होगी।

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