संसदीय समिति में भारी हंगामा, प्रियंका गांधी ने उठाया जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की मंगलवार को हुई बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अजय माकन ...और पढ़ें

संसदीय समिति की बैठक में प्रियंका गांधी ने 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया
HighLights
संसदीय समिति की बैठक में हुआ जबरदस्त राजनीतिक टकराव
बच्चों के खिलाफ अपराध पर बुलाई बैठक में गूंजा छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की मंगलवार को हुई बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अजय माकन ने 20 जुलाई को युवा मार्च पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया, जिसके बाद बैठक में हंगामा हो गया।
समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने इस चर्चा से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही समिति गठित कर दी है और बैठक को निर्धारित एजेंडे तक सीमित रखा जाना चाहिए। एजेंडे में बच्चों के खिलाफ अपराध विषय पर चार मंत्रालयों (श्रम, स्कूल शिक्षा, सामाजिक न्याय और स्वास्थ्य) के विचार सुनना शामिल था।
विपक्ष का तर्क
कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और राज्यसभा सांसद अजय माकन ने जंतर मंतर प्रदर्शन और संसद मार्च की बात उठाई। विपक्षी सांसदों ने तर्क दिया कि लाठीचार्ज में नाबालिग भी घायल हुए थे, इसलिए यह 31 सदस्यीय समिति के दायरे में आता है।
इस पर एक भाजपा सांसद ने तुरंत विरोध जताया, जिसके बाद भाजपा सांसद और कांग्रेस सांसद जय प्रकाश के बीच तीखी बहस हुई। तभी अध्यक्ष अग्रवाल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (सब ज्यूडिस) है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकती।
सुप्रीम कोर्ट की समिति
20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जंतर मंतर और अन्य जगहों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस व सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए पूर्व जज आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की थी।
ये है मामला
20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन सीजेपी के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च किया था। वे तब के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे (नीट पेपर लीक सहित अन्य मुद्दों पर)। पुलिस ने आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल कर मार्च को रोका। बाद में प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
