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हड़ताल खत्म, काम पर लौटेंगे कर्मचारी, पंजाब सरकार के सामने रखी 'नो वर्क नो पे' वापस लेने की शर्त

Published: Wed, 09 Sep 2026 12:29 PM (IST)

कर्मचारी संगठन नेता सुखचैन सिंह खैहरा ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने दो सरकारी पत्र वापस लेने और लंबित मांगों पर मुख्यमंत्री से बैठक की शर्त रखी।

HighLights

  1. पंजाब के सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली।

  2. 'नो वर्क नो पे' पत्र वापस लेने की मांग।

  3. लंबित मांगों पर मुख्यमंत्री से बैठक की शर्त।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हड़ताल पर गए पंजाब के सरकारी कर्मचारी अब काम पर लौट आएंगे। कर्मचारी संगठन नेता सुखचैन सिंह खैहरा ने कर्मचारियों की हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने हड़ताल समाप्त करने के साथ-साथ सरकार के सामने दो प्रमुख शर्तें रखी हैं। खैहरा ने कहा कि मुख्य सचिव की ओर से किए गए वायदे के मुताबिक 27 अगस्त को गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्र को वापस लेना होगा।

इसके साथ ही बुधवार को जारी किए गए ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ संबंधी पत्र को भी वापस लेने की मांग की गई है। खैहरा ने स्पष्ट किया कि दोनों पत्र वापस लेने होंगे। अन्यथा कर्मचारी फिर से हड़ताल का कदम उठा सकते हैं।्

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लंबित मांगों पर भी होगी चर्चा

कर्मचारी संगठन नेता ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों पर सरकार के साथ चर्चा जरूरी है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ जल्द बैठक कराई जाए, ताकि विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जा सके।

खैहरा के अनुसार, मुख्य सचिव की ओर से पहले किए गए आश्वासन के तहत कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जाना था। अब कर्मचारियों की नजर सरकार की ओर से दोनों पत्र वापस लेने और मुख्यमंत्री के साथ बैठक की तारीख तय करने पर है।

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जानें क्या थी लंबित मांगें

  • लंबित महंगाई भत्ता (DA) जारी करना: कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 18% लंबित महंगाई भत्ते की किस्तों और बकाया (एरियर) का तुरंत भुगतान किया जाए।

  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली: नई पेंशन स्कीम (NPS) को रद्द कर राज्य में पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए।

  • कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण: विभिन्न विभागों में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी (रेगुलर) किया जाए।

  • ACP स्कीम की बहाली: कर्मचारियों की प्रगति के लिए 'एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (ACP) स्कीम को बहाल और लागू किया जाए।

  • वेतन विसंगतियों का निवारण: कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में मौजूद असमानताओं व विसंगतियों को दूर किया जाए।

  • 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को लाभ: 17 जुलाई 2020 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों को पंजाब के पुराने व संशोधित वेतनमान का पूरा लाभ दिया जाए।

  • मानदेय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन: ग्रेड-सी लेवल वर्क, आंगनवाड़ी वर्कर जैसे मानदेय व अस्थायी तौर पर सेवाएं करने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।

  • पेंशनभोगियों के लंबित लाभों का निपटारा: पेंशनरों को बकाया वित्तीय लाभों का तुरंत भुगतान किया जाए और उनकी कोर्ट संबंधी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

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