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'गर्भपात का दबाव, फिर जिंदा जलाया', पंजाब की इन्फ्लुएंसर मंजीत की मौत के बाद मां ने लगाए संगीन आरोप

Updated: Sun, 30 Aug 2026 10:11 AM (IST)

पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है कि वह सात सप्ताह की गर्भवती थी।

पंजाब की इन्फ्लुएंसर मंजीत की मौत पर मां ने लगाए संगी आरोप (फोटो: जागरण)

पंजाब की इन्फ्लुएंसर मंजीत की मौत पर मां ने लगाए संगी आरोप (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. मंजीत कौर घटना के समय सात सप्ताह की गर्भवती थी।

  2. मां ने रिंकू पर बच्चा गिराने का दबाव डालने का आरोप।

  3. शुभी और पिंदा पर अपहरण कर जलाकर मारने का आरोप।

संदीप खत्री, मोहाली। पंजाबी इंफ्लूएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में नया तथ्य सामने आया है। मंजीत कौर घटना के समय सात सप्ताह की गर्भवती थी। उसकी मां कांता देवी ने रिंकू नाम के युवक पर गंभीर आरोप लगाया है।

मां का कहना है कि रिंकू उनकी बेटी से शादी नहीं करना चाहता था और उसे बच्चा गिराने के लिए कहता था। पुलिस अब रिंकू को पूछताछ के लिए बुलाकर इस आरोप समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेगी।

मंजीत कौर का पहले ही तलाक हो चुका था और वह सन्नी एंक्लेव में अलग रहती थी। उसकी मां कांता देवी और भाई पंचकूला के सेक्टर-19 में रहते हैं। परिवार ने अमृतसर की रहने वाली नेहा पर भी आरोप लगाए हैं। हालांकि नेहा का कहना है कि उसे नहीं पता कि मंजीत की मां ने बयानों में उसका नाम क्यों लिया। पुलिस जल्द ही नेहा को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।

मृतका की मां ने पुलिस को दिए बयानों में शुभी और पिंदा के नाम भी लिए हैं। उनके खिलाफ लगाए आरोपों के आधार पर सेक्टर-34 थाना पुलिस ने शुभी, पिंदा और अन्य के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है।

पुलिस अब आरोपितों की तलाश के साथ मंजीत के संपर्क में रहे लोगों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। सेक्टर-34 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर शादी लाल इस मामले के जांच अधिकारी हैं और खुद जांच कर रहे हैं।

अपहरण कर मोरिंडा में पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया

कांता देवी के मुताबिक तीन जुलाई की रात शुभी और पिंदा ने मंजीत को सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास बुलाया था। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की और गाड़ी में अगवा कर मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में ले गए।

वहां उसे पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। इसी दौरान मंजीत का एक जानकार वहां पहुंचा और कंबल डालकर आग बुझाई। इसके बाद उसे मोरिंडा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन मंजीत को मोहाली मैक्स अस्पताल में एडमिट एडमिट करवाया। मैक्स अस्पताल से खरड़ सदर थाने में घटना की जानकारी ( रुक्का) दी गई।

घर में आग लगने की दी थी पुलिस को जानकारी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद मंजीत की बहन ने पुलिस को बताया था कि मंजीत घर पर जल गई है। इसी आधार पर शुरुआती तौर पर मामला खरड़ सदर थाना पुलिस के स्तर पर आया। हालांकि यह जांच की जा रही है कि आखिर घर में आग़ लगने की जानकारी पुलिस को क्यों दो गई थी। हालांकि पुलिस ने भी किसी के बयान दर्ज नहीं किए।

बाद में मंजीत की मां ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को शुभी और पिंदा ने अगवा किया था और मोरिंडा के जंगल में ले जाकर पेड़ से बांधकर आग लगाई।
मोरिंडा अस्पताल से मंजीत को मोहाली के मैक्स अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआइ रेफर किया गया, जहां 9 जुलाई को उसे भर्ती कराया गया। वह लंबे समय तक जिंदगी और मौत से जूझती रही।

होश आया तो बयान दर्ज कराने की मांग

मंजीत को पांच अगस्त को होश आया। उसने पुलिस को बुलाकर अपने बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी। पीजीआइ चौकी की ओर से भी खरड़ सदर थाना पुलिस को उसके होश में आने की सूचना दी गई थी।

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पीजीआई चौकी कि और से जांच अधिकारी एएसआई कुलविंदर सिंह को फोन पर जानकारी दी है। आरोप है कि इसके बावजूद वह बयान दर्ज करने अस्पताल नहीं पहुंचे। पीजीआइ चौकी में इस संबंध में डीडीआर भी दर्ज है।

26 अगस्त को मौत के बाद दर्ज हुआ अपहरण-हत्या का केस

मंजीत कौर की 26 अगस्त को पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उसकी मां कांता देवी के बयान पर अपहरण कर हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस शुभी और पिंदा की तलाश में छापेमारी कर रही है। वहीं रिंकू और नेहा को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस काल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि मंजीत को किसने अगवा किया, मोरिंडा में उसे आग लगाने की घटना में कौन-कौन शामिल था और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।