सुखा व गीला कचरा अलग न करने वालों पर सख्ती, 11576 रुपये का चालान, चंडीगढ़ के पढ़े-लिखे लोग कर रहे अनदेखी
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में चंडीगढ़ पिछड़ता जा रहा है। ऐसे में रैंकिंग को सुधारने के लिए नगर निगम की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं। ऐसे में सूखा और गिला कचरा अलग अलग न करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग न करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त रैवेया अपनाया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर आनिंदिता मित्रा ने सूखा और गीला कचरा सेग्रीगेट न करने वालों के खिलाफ अभियान तेज करने के आदेश दिए हैं। ऐसे लोगों का 11 हजार 576 रुपये का चालान काटा जा रहा है। पिछले दो सप्ताह में नगर निगम ने कुल 370 घरों का चालान काटा है।
कमिश्नर आनिंदिता मित्रा ने रविवार को चंडीगढ़ रेजीडेंट एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफड) के साथ मीटिंग में भी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए जागरूक किया था। नगर निगम ने एक सर्वे के दौरान 517 घरों की पहचान की है जो कि बार बार कहने के बावजूद कचरे को सेग्रीगेट नहीं कर रहे हैं। इनमें सेक्टर, कालोनी और गांव के मकान शामिल हैं। इनमें 299 घर सेक्टरों के हैं। सेक्टर-15 में 51 घर ऐसे हैं जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। वहीं मनीमाजरा में 45 और सेक्टर-25 में 29 घरों में भी कचरा सेग्रीगेट नहीं हो रहा है।
बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में चंडीगढ़ पिछड़ता जा रहा है। ऐसे में रैंकिंग को सुधारने के लिए नगर निगम की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं। नगर निगम ने पूरे शहर में सूखा और गीला कचरा घरों से इकट्ठा करने के लिए 399 गाड़ियां चलाई हैं। अब शहर में चार अलग अलग तरह का कचरा इकट्ठा करना अनिवार्य है। सालिड वेस्ट मनेजमेंट के अनुसार अब अगर कोई गारबेज कलेक्टर भी सेग्रीगेट किए हुए कचरे को नहीं लेता है तो उस पर कार्रवाई करने का प्रावधान है।
जिल निकायों में कचरा फेंका तो लगेगा 5789 का जुर्माना
अगर कोई ड्रेनेज सिस्टम और जल निकायों में कचरा फेंकेगा तो उस पर 5789 रुपये का जुर्माना लगेगा। गैर रिहायशी इलाके में अगर कोई सेनेटरी वेस्ट अलग से सेग्रीगेट नहीं करेगा तो 579 रुपये का चालान कटेगा। इस समय नगर निगम ने सूखा, गीला, घरेलू रासायनिक कचरा और सेनेटरी कचरा अलग अलग सेग्रीगेट करना अनिवार्य किया है। अगर कोई मैरिज पैलेस, फेस्टिवल हाल, प्रदर्शनी, क्लब, सिनेमा हाल, पब्स, कम्युनिटी हाल और मल्टीप्लेक्सेस ऐसा नहीं करता है तो उसका 11 हजार 567 रुपये का चालान कटेगा। जबकि अन्य गैर सरकारी संस्था जिसका क्षेत्रफल पांच हजार वर्ग से कम है। अगर वह कचरा अलग अलग नहीं करता है तो उसका 1158 रुपये का चालान कटेगा। नगर निगम ने बड़ी संस्थाओं के लिए अपने यहां पर ही कचरा प्रोसेस करने का सिस्टम लगाने के लिए कहा है। नगर निगम ने अब नेपकिन और पेड के अलावा बायो मेडिकल वेस्ट को प्रोसेस करने का सिस्टम शुरू कर दिया है। इसके लिए एक कंपनी से अनुबंध किया गया है।

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