विदेश में छिपा चार हत्याओं का आरोपित गैंग्स्टर जोबन आखिर चढ़ा पंजाब पुलिस के हत्थे; तीन महीने बाद मिली सफलता
ऑपरेशन लॉन्ग आर्म के तहत पंजाब पुलिस ने विदेश में छिपे चार हत्याओं के आरोपित गैंग्स्टर वरिंदर जोबन को गिरफ्तार किया। तीन महीने चली संयुक्त जांच के दौर ...और पढ़ें

एजीटीएफ के एसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़।
HighLights
चार हत्याओं का आरोपित गैंग्स्टर वरिंदर जोबन विदेश से गिरफ्तार।
पंजाब पुलिस की एजीटीएफ को 'ऑपरेशन लॉन्ग आर्म' में बड़ी सफलता।
तीन महीने की खुफिया जांच और अंतरराष्ट्रीय समन्वय से हुई गिरफ्तारी।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस की एंटी गैंग्स्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने राज्य सरकार के विशेष अभियान ऑपरेशन लॉन्ग आर्म के तहत विदेश में छिपे चार हत्याओं के आरोपित गैंग्स्टर वरिंदर जोबन को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एजीटीएफ के एसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि यह कार्रवाई करीब तीन महीने तक चली खुफिया, तकनीकी और अंतरराष्ट्रीय समन्वय वाली जांच का नतीजा है।
अभियान के दौरान हरियाणा के वांछित आरोपित मनजोत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी बराड़ ने बताया कि वरिंदर जोबन लंबे समय से पंजाब पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। वह वर्ष 2023 में हुए जनैल सिंह सतियाला हत्याकांड का आरोपित है। इसके बाद वर्ष 2024 में हुए दीपू जनाले हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया।
13 वर्षीय गुरसेवक सिंह की हत्या के मामले में भी वह वांछित था। वर्ष 2025 में हुए विक्की चुघा हत्याकांड में भी वह आरोपित था। इन सभी मामलों में उसके खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। कई मामलों में वह गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग गया था।
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विभिन्न एजेंसियों का रहा संयुक्त सहयोग
उन्होंने बताया कि आपरेशन लॉन्ग आर्म के तहत एजीटीएफ, पंजाब पुलिस के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग सेल, हरियाणा एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से काम किया। करीब तीन महीने तक आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। तकनीकी इनपुट, खुफिया सूचनाओं और विभिन्न एजेंसियों से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से दोनों आरोपितों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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बराड़ ने कहा कि पंजाब पुलिस का फोकस केवल राज्य के भीतर सक्रिय गैंग्स्टरों पर ही नहीं, बल्कि विदेश में बैठकर अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क पर भी है। पिछले कुछ वर्षों में कई गैंग्स्टर विदेश से फोन कॉल और इंटरनेट मीडिया के जरिए व्यापारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों से रंगदारी मांगते रहे हैं।
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विदेशों में छिपे गैंग्स्टरों पर शिकंजा
इसके अलावा हत्या, हत्या की साजिश और अन्य संगठित अपराधों को भी विदेश में बैठकर संचालित किया जाता रहा है। ऑपरेशन लॉन्ग आर्म के तहत ऐसे नेटवर्क पर लगातार चोट की जा रही है और फरार आरोपितों को कानून के दायरे में लाने की कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि विदेशों में छिपे अन्य वांछित गैंग्स्टर भी पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर हैं।
उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रत्यर्पण, डिपोर्टेशन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पंजाब पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि राज्य में अपराध कर विदेश भागने वाला कोई भी आरोपित कानून की पहुंच से बाहर नहीं है। आने वाले समय में भी ऑपरेशन लॉन्ग आर्म के तहत इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और विदेशों में छिपे अन्य वांछित गैंग्स्टरों को भी गिरफ्तार कर भारत लाया जाएगा।