LPU Protest: 20 घंटे बाद भी स्थिति बेकाबू, बाल-बाल बचे DIG और SSP; छात्रों के पास कहां से आए इतने पत्थर?
एलपीयू फगवाड़ा में छात्रा से दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों ने तोड़फोड़, आगजनी और नेशनल हाईवे जाम कर दिया। ...और पढ़ें
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LPU Protest: मौके पर भारी पुलिस बल तैनात। फोटो जागरण
HighLights
एलपीयू में दुष्कर्म की अफवाह पर छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन।
प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे जाम किया, पुलिस पर पथराव भी किया।
डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियों को नुकसान, विश्वविद्यालय 10 दिन बंद।
जागरण संवाददाता, जालंधर। फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के हॉस्टल में छात्रा से दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों ने शनिवार देर रात वहां जमकर तोड़फोड़ व आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने रात तीन बजे यूनिवर्सिटी के बाहर जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
करीब 20 घंटे से नेशनल हाईवे जाम होने के कारण रविवार शाम करीब सात बजे पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को हटाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने जालंधर रेज के डीआइजी नवीन सिंगला व कपूरथला जिले के एसएसपी की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। पुलिस की तीन गाड़ियों के साथ ही अन्य वाहनों को भी आग लगा दी। विद्यार्थियों द्वारा किए गए पथराव में कई पुलिस कर्मचारी घायल भी हुए हैं।
यूनिवर्सिटी कैंपस में भी उपद्रवियों ने रविवार को एक बार कई जगह आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पूरे कैंपस में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इससे पहले शुक्रवार रात पटियाला की चितकारा यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के लापता होने की अफवाह के बाद छात्रों ने तोड़फोड़ की थी।
आखिर विद्यार्थियों के पास इतने पत्थर कैसे आए
रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस अधिकारी छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें बताया कि उनकी किन मांगों को पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद छात्र हाईवे से उठने को तैयार नहीं हुए। अधिकारी दोबारा छात्रों के बीच पहुंचे तो छात्रों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
लाठीचार्ज शुरू होते ही छात्रों ने तुरंत पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। छात्रों के पास भारी संख्या में पत्थर कैसे पहुंचे, इस पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा कि प्रदर्शनकारियों ने पहले से ही पुलिस पर पथराव की योजना बना रखी थी। उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने वहां एक माल में भी तोड़फोड़ करते हुए सामान तक लूट लिया था।
सीसीटीवी फुटेज में नहीं मिला कोई सबूत
इससे पहले सुबह एलपीयू में छात्रों के हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे डीआइजी नवीन सिंगला ने कहा कि छात्रों की ओर से जो आरोप लगाए गए थे। उसके बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही पुलिस टीम ने छात्रों के साथ जी-3 हास्टल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके साथ ही उक्त कमरे में रहतीं तीन छात्राओं से भी बातचीत की है।
न तो सीसीटीवी फुटेज में कोई सुबूत मिले हैं और न ही छात्राओं ने ऐसी किसी घटना के बारे में कहा है। उधर, प्रदर्शनकारियों में मौजूद कुछ छात्राओं ने उनके पास इसके सुबूत होने की बात कही है। इसके बाद डीआइजी ने जालंधर ग्रामीण के एसपी वनीत अहलावत की अगुआई में पाचं सदस्यीय एसआइटी का गठन कर दिया है। वहीं, यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने घटना को अफवाह बताया है। उन्होंने विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों से ऐसी अफवाहों से बचने की अपील की है।
छात्र बंटे, आंदोलन में राजनीति की एंट्री
टीम के साथ जो छात्र हास्टल में जांच करने गए थे, उन्होंने जब बाहर आकर साथियों को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है तो छात्र उनके ही खिलाफ हो गए। छात्र दो गुटो में बंट गए हैं। वहीं, प्रदर्शन में कुछ राजनीतिक पार्टियों के नेता भी सक्रिय हो गए हैं। कुछ नेताओं ने खुद को राहुल गांधी की ब्रिगेड का सदस्य बताते हुए छात्रों के संघर्ष का समर्थन किया है।
एलपीयू में दस दिन की छुट्टी, चितकारा भी बंद
इसी बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दस दिन तक यूनिवर्सिटी में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से विद्यार्थियों को इस संबंध में संदेश भेज दिए गए हैं। इसमें साफ किया गया है कि छुट्टियां 28 सितंबर से लागू होंगी और इस दौरान होने वाली परीक्षाएं भी अगली सूचना तक निलंबित रहेंगी।
हास्टल में रहते विद्यार्थियों को कहा गया है कि अगर वे घर जाना चाहते हैं तो इसके लिए परिवार या गार्डियन की मंजूरी जरूरी है। जो विद्यार्थी हास्टल में ही रहना चाहते हैं, उन्हें हास्टल से बाहर नहीं जाने की सलाह दी गई है। इसी तरह पटियाला की चितकारा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी चार दिन यूनिवर्सिटी बंद रखने का फैसला किया है।
