लुधियाना निगम की बैठक में प्रस्ताव को लेकर बवाल! मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर भिड़े; मीटिंग बीच में छोड़ घर लौटे
नगर निगम की वित्तीय समिति की बैठक में पुल मरम्मत प्रस्ताव पर मेयर और वरिष्ठ उपमेयर आपस में भिड़ गए। ...और पढ़ें

नगर निगम की वित्तीय समिति की बैठक।
HighLights
मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के बीच तीखी बहस हुई।
पुल मरम्मत प्रस्ताव पर विवाद के चलते तकरार बढ़ी।
सीनियर डिप्टी मेयर नाराजगी में बैठक छोड़कर चले गए।
जागरण संवददाता, लुधियाना। लुधियाना नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों के बीच जारी खींचतान सोमवार को सार्वजनिक रूप से खुलकर सामने आ गई। मेयर के कैंप कार्यालय में आयोजित वित्त एवं अनुबंध समिति की अहम बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत के प्रस्ताव को लेकर मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना गरमा गया कि सीनियर डिप्टी मेयर भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए बीच में ही बैठक छोड़कर अपने घर वापस लौट गए।
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह शहर के एक प्रमुख पुल की मरम्मत से जुड़ा प्रस्ताव था। हालांकि इस कार्य को पूर्व में आयोजित बैठक में प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी थी, लेकिन निर्माण योजना में शामिल दो सुरक्षा दीवारों के स्वरूप को लेकर पेंच फंस गया।
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मेयर ने नक्शे पर उठाए सवाल
प्रस्तावित नक्शे के मुताबिक एक दीवार कंक्रीट से और दूसरी साधारण ईंटों से बनाई जानी थी। मेयर ने इस असमानता पर सवाल उठाते हुए संबंधित तकनीकी अधिकारियों से जवाब मांगा कि दोनों दीवारें एक समान क्यों नहीं बनाई जा रही हैं।
इसी बात पर हस्तक्षेप करते हुए सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि यह निर्माण कार्य उनके संबंधित वार्ड के अंतर्गत आता है, इसलिए इसका स्पष्टीकरण वे स्वयं देंगे। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच शाब्दिक तकरार शुरू हो गई।
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कार्य रोकने के लगाए आरोप
बात बढ़ते-बढ़ते व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गई। सीनियर डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र से जुड़ी विकास फाइलों को जानबूझकर दबाया और रोका जा रहा है। इस पर मेयर ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित फाइल को लंबित रखने की बात कह दी।
इस तल्खी से आहत होकर सीनियर डिप्टी मेयर तुरंत बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपना दर्द बयां किया कि जब उनके वार्ड के विकास कार्यों को इस तरह रोका जाएगा और अनुचित व्यवहार किया जाएगा, तो ऐसी बैठकों में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इस पूरी घटना के बाद निगम प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
