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    जम्मू-पठानकोट हाईवे पर जासूसी, हाई-टेक कैमरों से रखी जा रही थी सेना की मूवमेंट पर नजर; चार लोगों पर केस दर्ज

    Updated: Thu, 21 May 2026 09:00 PM (IST)

    पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाई-टेक कैमरे लगाए गए थे। ...और पढ़ें

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    पठानकोट-जम्मू हाईवे पर जासूसी गतिविधियां, पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस

    HighLights

    1. पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़

    2. सेना की गतिविधियों पर हाई-टेक कैमरों से रखी जा रही थी नजर

    3. चार आरोपियों पर मामला दर्ज, एक गिरफ्तार, जांच जारी

    जागरण संवाददाता, पठानकोट। पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जासूसी गतिविधियों के आरोप में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।

    एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि सीआईए स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू, जो गांव धारीवाल चक्क का रहने वाला है और थाना सदर के अंतर्गत आता है, अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पठानकोट-जम्मू नेश्नल हाईवे-44 पर जासूसी गतिविधियों में शामिल है।

    ये नेशनल हाइवे एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, इन लोगों ने निगरानी के लिए कैमरे लगाए हुए थे ताकि वहां होने वाली हर तरह की गतिविधि और मूवमेंट को रिकॉर्ड किया जा सके। एसएसपी ने खुलासा किया कि अब तक की जांच के अनुसार यह पूरा नेटवर्क पिछले छह से सात महीनों से सक्रिय था। कैमरे अत्याधुनिक, हाई-डेफिनेशन और घूमने वाले थे, जिन्हें मोबाइल के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता था।

    एक आरोपी गिरफ्तार

    एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ करने के बाद उसने उस स्थान की निशानदेही की, जहां से पुलिस ने स्टैंड-अलोन इंटरनेट आधारित हाई-डेफिनेशन कैमरे बरामद किए। ये कैमरे मोबाइल फोन के जरिए कंट्रोल किए जा सकते थे और हर प्रकार की गतिविधि रिकॉर्ड करने में सक्षम थे।

    एसएसपी ने बताया कि जांच में पता चला है कि इस मामले में उसके तीन अन्य साथी भी शामिल हैं। इनमें से एक स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा था, जबकि दो अन्य विदेश में बैठे लोगों और संदिग्ध खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे। आरोपियों को इस काम के लिए प्रेरित किया गया था और कैमरे लगाने सहित अन्य खर्चों के लिए उन्हें पैसे भी दिए गए थे।

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    प्रोडक्शन वारंट पर लाकर की जाएगी पूछताछ

    पुलिस के अनुसार, मामले की जांच तेजी से की जा रही है। आरोपी के दो साथी फिलहाल किसी अन्य मामले में जेल में बंद हैं। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर जल्द पूछताछ की जाएगी। कैमरों के लिंक विदेशों में भेजे गए थे और उनकी तकनीकी जांच जारी है।

    एसएसपी ने इसे देश के खिलाफ जासूसी का मामला बताया है और कहा है कि जांच में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उम्मीद जताई गई है कि मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके।

    एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी नशे का आदी है। अक्सर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतें या असामाजिक तत्व ऐसे युवाओं को निशाना बनाते हैं जो नशे की गिरफ्त में हों।

    आरोपी भी नशे के कारण कुछ लोगों के संपर्क में आया, जो गुरदासपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं और कथित रूप से नशा बेचने का काम करते हैं। उन्हीं के जरिए यह व्यक्ति आगे इस नेटवर्क से जुड़ गया और उसका इस्तेमाल किया गया। आरोपी के पीछे दो अन्य मुख्य साथी भी हैं, जो सीधे संपर्क में बताए जा रहे हैं।