राजस्थान: भिवाड़ी की अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, बिहार के 7 श्रमिकों मौत
राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाकों से भीषण आग लग गई। इस हादसे में बिहार के सात श्रमिकों की ...और पढ़ें
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भिवाड़ी अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका- 7 श्रमिकों की मौत

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जागरण संवाददाता, भिवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही एक पटाखा फैक्ट्री में सोमवार सुबह एक के बाद एक तीन तेज धमाके हुए। कुछ मिनट के भीतर ही फैक्ट्री पूरी तरह आग का गोला बन गई। आग में सात लोग जिंदा जल गए, जबकि चार लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं।
उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से शव बुरी तरह जले बरामद हुए। कई शवों के सिर्फ कंकाल ही बचे थे। दमकलकर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मौके से पुलिस को बारूद, पटाखे और पैकिंग के डिब्बे मिले हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने फैक्ट्री से हड्डियों, जले हुए पटाखों के नमूने लिए हैं। इस घटना पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख प्रकट किया है।
कपड़ा फैक्ट्री के नाम पर रजिस्टर्ड
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यह फैक्ट्री गारमेंट जोन में कपड़ा फैक्ट्री के नाम पर रजिस्टर्ड है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई इस घटना के समय फैक्ट्री में 25 श्रमिक काम कर रहे थे, जिनमें कुछ को बचा लिया गया।
बिहार के रहने वाले हैं मृतक
भिवाड़ी एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया कि फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार हैं। उन्होंने किसी तिवारी के व्यक्ति को यह फैक्ट्री कुछ माह पहले किराये पर दी। इस घटना के बाद से दोनों फरार है। मृतकों की पहचान पिंटू उर्फ मिंटू, सुजंत, श्याम, रवि, अजीत सिंह, शशि भूषण व अमरेश के रूप में हुई। सभी बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले हैं।
गंभीर रूप से झुलसने वालों में अनूप, जूनू और दो अन्य श्रमिक शामिल हैं। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। घटनास्थल पर पहुंचीं खैरथल-तिजारा की कलेक्टर डा. अर्तिका शुक्ला ने बताया कि यहां देखकर लग रहा है कि छोटा एक्सप्लोसिव मटेरियल था।
अवैध रूप से बनाए जा रहे थे पटाखे- वन मंत्री
घटनास्थल पर पहुंचे प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि जिस जगह यह घटना हुई वह गारमेंट जोन है, यहां दूसरा व्यवसाय नहीं हो सकता, लेकिन गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने का काम गेट पर ताले लगाकर किया जा रहा था। राज्य सरकार ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
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