धनतेरस पर शुक्र गोचर और प्रदोष संयोग: पूजा-खरीदारी के लिए ढाई घंटे का शुभ मुहूर्त, पैसा और प्यार पर दिखेगा असर
6 नवंबर 2026 को शुक्र देव तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में वक्री होंगे, जो धनतेरस के दिन पड़ ...और पढ़ें

धनतेरस पर शुक्र प्रदोष संयोग: शुभ मुहूर्त व जरूरी सावधानियां
HighLights
6 नवंबर 2026 को शुक्र देव कन्या राशि में वक्री होंगे।
धनतेरस पर शुक्र गोचर और प्रदोष व्रत का बन रहा विशेष संयोग।
वक्री शुक्र का रिश्तों, धन और व्यक्तिगत सुख पर दिखेगा असर।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल की धनतेरस बेहद खास रहने वाली है, क्योंकि 6 नवंबर 2026 को शुक्र देव तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में वक्री होने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में शुक्र देव को कन्या राशि में नीच भाव का माना जाता है। शुक्र गोचर के असर से प्यार, शादी, पैसा, रिश्तों और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र देव को प्यार, शादी, सुंदरता, सुख, कला, धन और भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी स्थिति प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति और जीवन के कई क्षेत्रों पर असर दिखा सकती है। इसके अलावा 6 नवंबर को नवंबर महीने का पहला शुक्र पद्रोष व्रत भी है।
धनतेरस पर शुक्र गोचर का समय
6 नवंबर का दिन ज्योतिषीय और धार्मिक नजरिए से बेहद खास रहने वाला है क्योंकि इसी दिन धनतेरस है और शुक्र गोचर भी। 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को भारतीय समय के हिसाब से करीब 1 बजकर 06 मिनट पर शुक्र देव तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।
इसके बाद शुक्र देव 14 नवंबर को मार्गी होंगे और 2 नवंबर को फिर से तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए यह एक छोटा लेकिन ज्योतिषीय नजरिए से बेहद खास गोचर माना जा रहा है।
धनतेरस पर शुक्र प्रदोष का प्रभाव
इस साल धनतेरस के मौके पर शुक्र प्रदोष का संयोग भी देखने को मिल रहा है। 6 नवंबर को शुक्रवार होने के साथ-साथ धनतेरस भी है। ऐसे में प्रदोष काल का समय खरीदारी के लिए सबसे बेहतर माना गया है।
धनतेरस पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
इस साल धनतेरस पर प्रदोष काल का समय शाम 5 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इस दौरान धनतेरस पूजा के लिए खरीदारी का सबसे उत्तम समय प्रदोष काल को ही माना गया है।
यानी इस साल धनतेरस पर कुबेर, मां लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा के लिए तकरीबन ढाई घंटे का शुभ मुहूर्त रहने वाला है।
शुक्र के कन्या राशि में वक्री से जीवन पर असर
ज्योतिष में शुक्र देवता जब किसी राशि में वक्री चाल चलते हैं, तो इसका सीधा असर हमारे रिश्तों और आर्थिक फैसलों पर दिखाई देता है। इस दौरान अक्सर पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति या बेवजह की बहस देखने को मिल सकती है।
वहीं पैसों के मामले में यह समय काफी महत्वपूर्ण रखता है। पैसा बेवजह की चीजों पर खर्च करने के बजाय सोच-समझकर करना सही रह सकता है। इस दौरान किसी भी तरह के नए निवेश या फिजूलखर्ची से बचना चाहिए।
वक्री शुक्र के दौरान पुरानी गलतियों से सीखने, खुद से प्यार करने और अपनी प्राथमिकताओं को दोबारा से तय करके उन्हें पूरा करने में लगाना चाहिए। शुक्र वक्री के दौरान दिल के साथ दिमाग से ज्यादा काम लेना चाहिए।
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