शनि गोचर 2027: इन 3 राशियों को मिलने जा रही है साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति, शुरू होंगे अच्छे दिन
ज्योतिष चंद्रेश शर्मा के अनुसार, 2027 में शनि देव के मेष राशि में गोचर से कुंभ, धनु और सिंह राशि को साढ़े साती व ढैय्या से मुक्ति मिलेगी। यह बदलाव उनक ...और पढ़ें

शनि गोचर 2027 इन राशियों को साढ़े साती से मुक्ति (Picture Credit AI- Generated Image)
HighLights
शनि देव 2027 में मेष राशि में करेंगे गोचर।
कुंभ, धनु, सिंह राशि को साढ़े साती, ढैय्या से मिलेगी मुक्ति।
जीवन में संघर्ष समाप्त, अटके कार्य होंगे सफल।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़े साती और ढैय्या को कड़े संघर्षों और परीक्षाओं का समय माना जाता है। लेकिन एस्ट्रोपत्री के ज्योतिष चंद्रेश शर्मा के मुताबिक, ग्रहों का राशि परिवर्तन कुछ भाग्यशाली राशियों के लिए इन सभी परेशानियों के अंत और एक नई शुरुआत का शुभ संकेत दे रहा है।
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, शनि की साढ़े साती और ढैय्या का अंत जीवन में चल रहे कड़े संघर्षों, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों की समाप्ति का संकेत है।
ग्रहों के इस राशि परिवर्तन से प्रभावित जातकों को अटके हुए कार्यों में सफलता, समाज में मान-सम्मान और मानसिक शांति मिलती है। यह समय संभलने और नई शुरुआत का होता है।
साल 2027 में न्याय और कर्म प्रधान देवता शनि देव मंगल की राशि मेष में गोचर करने जा रहे हैं, जिससे वर्तमान समय में शनि के प्रभाव झेल रही कुछ राशियों को छुटकारा मिल जाएगा। आइए जानते हैं कि शनि गोचर कब होगा, किन राशियों को शनि की ढैय्या और महादशा से मुक्ति मिलने वाली है।

शनि गोचर 2027
वर्तमान स्थिति और मुक्ति का समय
वर्तमान समय में कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा है। इसके साथ ही, धनु राशि पर शनि की ढैय्या (कंटक शनि) तथा सिंह राशि पर अष्टम शनि की ढैय्या चल रही है।
आने वाले समय में जब शनि देव का मेष राशि में गोचर होगा, तब निम्नलिखित राशियों को इस कड़े प्रभाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
कुंभ राशि
शनि के गोचर बदलते ही कुंभ राशि के जातकों की साढ़े साती समाप्त हो जाएगी।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों को कंटक शनि की ढैय्या से राहत मिलेगी।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों पर चल रही अष्टम शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी।
इन राशियों पर से शनि का भारी प्रभाव हटते ही जीवन में सकारात्मक बदलाव आने शुरू होते हैं। करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, स्वास्थ्य में सुधार आता है और लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।
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मेष राशि में शनि का गोचर कब?
न्याय और कर्म प्रधान देवता शनि देव साल 2027 में मेष राशि में गोचर करेंगे। मंगल ग्रह मेष राशि का स्वामी है। मंगल और शनि के योग से कई राशियों के जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मेष राशि के जातकों को अपने प्रमुख इष्ट देवता, भगवान हनुमान, भगवान कार्तिकेय और सूर्य देव की खासतौर पर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। यह सभी देवता मेष राशि के जातकों को सुरक्षा करते हैं।
शनि से जुड़े सरल उपाय
जिन भी की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही है, तो उन्हें काले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके अलावा हनुमान चालीसा का नियमित पाठ राहु, केतु और शनि के नेगेटिव इफेक्ट्स को कम करने में मदद करता है।
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लेखक: श्री चंद्रेश शर्मा, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com