19 जून का पंचांग: सुबह 11:55 से शुरू होगा अभिजीत मुहूर्त, कोई भी शुभ काम करने से पहले देख लें आज का राहुकाल
आज 19 जून 2026, शुक्रवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जो मां लक्ष्मी और संतोषी की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन मां लक्ष्मी की श्रद ...और पढ़ें

आज का पंचांग 19 जून 2026

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। वैदिक पंचांग के मुताबिक, आज यानी 19 जून 2026, शुक्रवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। यह दिन खासतौर पर मां लक्ष्मी और मां संतोषी की पूजा के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मत है कि, इस दिन मां लक्ष्मी की श्रद्धा सुमन भाव से पूजा करने से व्यक्ति को धन, यश और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आज सूर्य देव मिथुन और चंद्रमा कर्क में (प्रातः 10 बजकर 06 मिनच तक) फिर सिंह राशि में प्रवेश करेगा। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 19 June 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: शुक्ल पंचमी
मास: ज्येष्ठ
दिन: शुक्रवार
संवत्: 2083
तिथि: शुक्ल पंचमी – सायं 04 बजकर 59 मिनट तक, फिर षष्ठी
योग: हर्षण – दोपहर 02 बजकर 53 मिनट तक, फिर वज्र
करण: बव – प्रातः 05 बजकर 53 मिनट तक
करण: बालव – सायं 04 बजकर 59 मिनट तक
करण: कौलव – अगले दिन तड़के 04 बजकर 17 मिनट (20 जून) तक, फिर तैतिल
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 23 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 22 मिनट तक
चंद्रोदय का समय: प्रातः 09 बजकर 51 मिनट तक
चंद्रास्त का समय: रात्रि 11 बजकर 04 मिनट तक
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मिथुन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कर्क राशि में (प्रातः 10:06 बजे तक), फिर सिंह राशि में प्रवेश
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक
अमृत काल: प्रातः 08 बजकर 36 मिनट से प्रातः 10 बजकर 06 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 10 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 07 बजकर 08 मिनट से प्रातः 08 बजकर 53 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 03 बजकर 52 मिनट से सायं 05 बजकर 37 मिनट तक
खबरें और भी
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
अश्लेषा नक्षत्र: प्रातः 10 बजकर 06 मिनट तक, फिर मघा
स्थान: 16°40’ कर्क राशि से 30°00’ कर्क राशि तक
नक्षत्र स्वामी: बुधदेव
राशि स्वामी: चंद्रदेव
देवता: नाग (सर्प देवता)
प्रतीक: कुंडली मार कर बैठा हुआ सर्प
सामान्य विशेषताएं:मजबूत कद-काठी, खुशमिजाज व्यक्तित्व, जीवन के प्रति उत्साह, कुशाग्र बुद्धि, तीव्र स्मरण शक्ति, चतुर, यात्रा प्रेमी, प्रभावशाली वक्ता और रहस्यमयी।
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