सिर्फ चौमुखी दीया काफी नहीं, यम के दीपक में ये 2 चीजें होंगी तभी मिलेगा अकाल मृत्यु से छुटकारा!
धनतेरस और नरक चतुर्दशी पर यम के दीपक से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है, लेकिन सिर्फ चौमुखी दीया ...और पढ़ें

धनतेरस पर यम दीप जलाने के सही नियम । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धनतेरस और नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। इसे यम दीप या यम दीपदान कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों की लंबी आयु की कामना की जाती है।
हालांकि, बहुत से लोग यम का दीपक जलाते समय केवल इस बात का ध्यान रखते हैं कि उसमें चार बत्तियां हों। जबकि मान्यता के अनुसार, इस दीपक को जलाने के लिए कुछ अन्य नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है। इस विषय पर हमारी बात उज्जैन के पंडित एंव ज्योतिषाचार्य मनीष शर्मा से हुई है। वह कहते हैं, " यम दीप में इस्तेमाल होने वाला दीपक पुराना होना चाहिए और इसमें सरसों का तेल डालना चाहिए।" इतना ही नहीं पंडित जी इस बारे में विस्तार से हमें बताते हैं। आइए जानते हैं यम दीपक जलाने का सही तरीका और इससे जुड़े जरूरी नियम।
यम का दीपक चौमुखी ही क्यों होना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमराज के लिए जलाया जाने वाला दीपक चौमुखी होना चाहिए। इसका अर्थ है कि इसमें चार बत्तियां लगाई जाती हैं। इस दीपक को जलाकर दक्षिण दिशा की ओर रखने की परंपरा है। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है। मान्यता है कि इस तरह दीपदान करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
यम का दीपक पुराना होना चाहिए
यम दीपक जलाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि इसके लिए नया नहीं, बल्कि पहले इस्तेमाल किया हुआ मिट्टी का दीपक लिया जाए। पंडित मनीष शर्मा बताते हैं, " पुराने दीपक में यमराज के नाम का दीपदान करना शुभ माना जाता है।" इसके लिए आप पहले पूजा में इस्तेमाल किए गए मिट्टी के दीये का उपयोग कर सकते हैं। कुछ परंपराओं में आटे का दीपक बनाने की भी मान्यता है।
सरसों के तेल और चार बत्तियों का करें इस्तेमाल
यम के दीपक में सरसों का तेल डालना शुभ माना जाता है। इसमें चार बत्तियां लगाकर दीपक जलाया जाता है। ध्यान रखें कि दीपक में पर्याप्त तेल हो, ताकि वह कुछ समय तक जलता रहे। मान्यता है कि सरसों के तेल का दीपक जलाकर यमराज से परिवार के सदस्यों की रक्षा और लंबी आयु की प्रार्थना करनी चाहिए।
यम का दीपक जलाने के बाद न करें यह गलती
धार्मिक मान्यता के अनुसार, यम का दीपक जलाने के बाद उसे पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। इसलिए दीपक रखने के बाद बिना पलटे घर के अंदर आ जाना चाहिए।
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