Chaitra Navratri 2026: नवरात्र के चौथे दिन करें ये काम, मिलेगा अपार धन और यश
चैत्र नवरात्र का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है, जिन्हें सृष्टि की आदि शक्ति माना जाता है। ...और पढ़ें

Chaitra Navratri 2026: माता कुष्मांडा चालीसा। (Ai Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chaitra Navratri 2026 Day 4: चैत्र नवरात्र का पावन पर्व बेहद शुभ माना जाता है। आज चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है। यह मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित है। मां कूष्मांडा को सृष्टि की आदि शक्ति माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जब चारों ओर अंधकार था, तब मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, करियर में रुकावट या सामाजिक मान-प्रतिष्ठा की कमी से परेशान हैं, तो यह दिन आपके लिए बहुत शुभ है। आइए इस पावन दिन पर मां कुष्मांडा की चालीसा का पाठ करके उनकी विशेष कृपा प्राप्त करते हैं।
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॥ मां कुष्मांडा चालीसा॥ (Kushmanda Mata Chalisa)
॥दोहा॥
माता कुष्मांडा की जय, करुणा की सागर।
सुख-सम्पत्ति देने वाली, जय माँ, जय अंबर॥
॥चालीसा॥
जयति जयति जगत की माता।
कुष्मांडा देवी सुखदायी भ्राता॥
शुम्भ-निशुम्भ हरणी माता।
भक्तों की विपदा हरणी भ्राता॥
कुश (कुमार) मंद हर्ष से भरी।
चारों ओर कृपा की झरी॥
हंस पर सवार हे माता।
कृपा का अविरल बहाता॥
कुम्भ करों में जल से भरे।
धन-धान्य से भरे सारे घर॥
आभा से दीप्त हे माता।
भक्तों के संकट मिटाता॥
चतुर्थी तिथि शुभ कहलाती।
व्रत रखने से सब सफल होती॥
मंत्र का जप करों हे प्यारे।
जीवन सुखी हो जाए सारे॥
अंत में सुन लो अरज हमारी।
जीवन सवारे भवसागर से॥
जय माता कुष्मांडा भवानी।
कृपा करो हे जगत की रानी॥
॥ इति श्री कुष्मांडा चालीसा सम्पूर्ण ॥
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