Ganesh Visarjan 2026: ऑफिस के चलते सुबह नहीं कर पाएं गणपति विसर्जन? तो शाम के इन शुभ मुहूर्त पर करें विदाई
आज गणेश उत्सव के 5 दिन के गणपति विसर्जन के दो शुभ मुहूर्त निकल चुके हैं। अब शाम को इस ...और पढ़ें

गणेश विसर्जन 2026 । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज गणेशोत्सव का 5वां दिन है और कई लोगों ने अपने घर में स्थापित गणेश प्रतिमा का आज ही विसर्जन का संकल्प लिया होगा।अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं और ऑफिस के चलते सुबह और दोपहर में बप्पा की विदाई नहीं कर पाए हैं, तो शाम और रात को दो और मुहूर्त बचे हुए हैं, इन दोनों मुहूर्त पर आप धूम-धाम से श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जित कर सकते हैं और उनसे अगले बरस फिर से आपके घर में पधारने की प्रार्थना कर सकते हैं।
आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषाचार्य श्री चंद्रेश शर्मा से जानते हैं पांचवें दिन गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है।
पांचवें दिन गणेश विसर्जन का शुभ समय
गणपति बप्पा का पांचवें दिन विसर्जन करने वाले भक्त 18 सितंबर 2026 को इन शुभ मुहूर्तों में विसर्जन कर सकते हैं।
- सुबह 6:11 से 10:45 बजे तक -चर, लाभ और अमृत
- दोपहर 12:17 से 1:48 बजे तक-शुभ
- शाम 4:51 से 6:22 बजे तक -चर
- रात 9:19 से 10:48 बजे तक -लाभ
इनमें से अपनी सुविधा के अनुसार किसी शुभ समय में गणपति विसर्जन किया जा सकता है।
सुबह 10:30 तक किया जा सकता है विसर्जन
आज सुबह 6 बजकर 11 मिनट से गणपति विर्सजन का मुहूर्त शुरू हो चुका है और अब जिन लोगों ने 5 दिन के लिए घर पर गणपति की स्थापना की है वो 10 बजकर 45 मिनट तक उनका विर्सजन कर सकते हैं।
गणेश विसर्जन का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति विसर्जन हमें यह संदेश देता है कि इस संसार में हर चीज अस्थायी है। जिस तरह मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा वापस जल में विलीन हो जाती है, उसी तरह जीवन में किसी भी चीज से अत्यधिक मोह नहीं रखना चाहिए। पांचवें दिन विसर्जन करने की परंपरा भी इसी श्रद्धा और भावना से जुड़ी है। भक्त इन पांच दिनों में बप्पा की पूजा करते हैं, उन्हें भोग लगाते हैं और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
गणेश विसर्जन से जुड़े नियम
गणपति विसर्जन से पहले घर में विधि-विधान से बप्पा की पूजा करें। गणेश जी को फूल, दूर्वा, फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें। इसके बाद गणपति की आरती करें और परिवार के सभी सदस्य उनका आशीर्वाद लें। विसर्जन से पहले बप्पा से जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगना शुभ माना जाता है। इसके बाद गणेश जी की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाएं और पूरे प्रेम भाव से और यह कामना करते हुए कि बप्पा अगले बरस फिर आएंगे, उनका विसर्जन कर दें।
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