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महादेव ही नहीं श्री गणेश को भी चढ़ाया जाता है शमी पत्र? पूजा में इसके इस्तेमाल का महत्व जानिए

Published: Thu, 10 Sep 2026 02:19 PM (IST)Updated: Thu, 10 Sep 2026 02:21 PM (IST)

गणेश चतुर्थी पर बप्पा को मोदक और दूर्वा के साथ शमी पत्र क्यों चढ़ाया जाता है? आइए समझते हैं इसका धार्मिक महत्व और पूजा विधि।

बप्पा को शमी का पत्ता चढ़ाने का महत्व (AI-Generated Image)

बप्पा को शमी का पत्ता चढ़ाने का महत्व (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर हम बप्पा को प्रसन्न करने के लिए दूर्वा, मोदक और लाल फूल जैसी कई चीजें चढ़ाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि श्री गणेश को 'शमी पत्र' (शमी के पेड़ का पत्ता) चढ़ाने का भी एक विशेष महत्व है? आइए समझते हैं कि बप्पा को शमी क्यों चढ़ाया जाता है और इसके क्या फायदे हैं।

शमी पत्र चढ़ाने का महत्व

हिंदू धर्म में शमी के पेड़ को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी को शमी का पत्ता बहुत प्रिय है। ऐसा माना जाता है कि बप्पा को शमी अर्पित करने से जीवन के सारे विघ्न (रुकावटें) दूर हो जाते हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से शमी का पत्ता भगवान को अर्पित करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।

क्या है इसके पीछे की कथा?

शमी के पत्ते को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। ब्रह्मांड पुराण की एक कथा के मुताबिक, जब गणेश जी और परशुराम जी के बीच युद्ध हुआ था और बप्पा का एक दांत टूट गया था, जिसकी वजह से वो एकदंत कहलाते हैं, तब से धार्मिक परंपराओं में भी शमी के पेड़ को शुभ माना गया। इसके अलावा, शमी का संबंध भगवान शिव और शक्ति की पूजा से भी है। इसे 'विजय' और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, इसीलिए विघ्नहर्ता को इसे चढ़ाना बहुत फलदायी होता है।

गणेश चतुर्थी की पूजा में कैसे चढ़ाएं शमी पत्र?

  • गणेश चतुर्थी के दिन पूजा करते समय सबसे पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
  • बप्पा की मूर्ति के सामने फूल, मोदक और दूर्वा रखें।
  • इसके बाद साफ पानी से धुले हुए ताजे शमी के पत्ते गणपति के चरणों में अर्पित करें।
  • ध्यान रखें कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले पत्ते सूखे, गंदे या कटे-फटे बिल्कुल न हों।
  • शमी चढ़ाते वक्त बप्पा का ध्यान करें और अपनी मनोकामना मन ही मन दोहराएं।

दूर्वा और शमी दोनों का है अपना महत्व

बप्पा को दूर्वा तो जरूरी रूप से चढ़ाई जाती है, लेकिन शमी का महत्व भी कम नहीं है। दूर्वा जहां गणेश जी को शीतलता देती है, वहीं शमी सफलता और शुभता लाती है। आप पूजा में ये दोनों ही चीजें पूरी श्रद्धा से अर्पित कर सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।