सूरज जैसी तपिश और फौलादी इरादे! साधारण नहीं होते ज्येष्ठ मास में जन्म लेने वाले लोग
चलिए जानते हैं कि ज्येष्ठ माह में जन्म लेने वाले लोगों में क्या-क्या खासियत पाई जाती है, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं। ...और पढ़ें

कैसे होते हैं ज्येष्ठ माह में जन्मे लोग (Picture Credit- AI Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से हो चुकी ही है। अधिक मास (मलमास) के कारण इस बार ज्येष्ठ माह 59 दिनों (लगभग दो महीने) का होगा, जिसका अंत 29 जून 2026 को होने जा रहा है।
यह महीना भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, इस माह में जन्में लोगों में कुछ ऐसी खास बातें पाई जाती हैं, जो इन्हें दूसरे लोगों से अलग बनाती हैं। चलिए ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक जी से जानते हैं इस बारे में।
क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य?
ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक का कहना है कि ज्येष्ठ मास में जन्म लेने वाले जातक अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति और साहस के लिए जाने जाते हैं। इन लोगों में स्वभाव से ही आत्मविश्वास और बड़ी इच्छाएं होती हैं, जो उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी मेहनत करने की आदत और निडर होकर निर्णय लेने की शैली उन्हें समाज में एक अलग पहचान और सम्मान दिलाने में मदद करती है।
ज्येष्ठ मास की ऊर्जा इन जातकों को हर परिस्थिति में अडिग रहने की शक्ति प्रदान करती है। इनके भीतर संचालन की स्वाभाविक क्षमता होती है, जिसके कारण ये अपने कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे लेकिन बहुत ही स्थिर प्रगति करते हैं। सफलता के प्रति इनका समर्पण ही इन्हें भीड़ से अलग बनाता है।
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उन्नति और सहजता का मार्ग
ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक ने ये भी बताया कि इन जातकों के लिए जीवन का सबसे बड़ा मंत्र उनकी सहजता और खुद पर विश्वास करना है। ज्येष्ठ मास में जन्म लेने वाले लोग यदि अपने साहस को सही दिशा में लगाएं, तो वे बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी सफलता की सीढ़ी बना सकते हैं।
यह समय उन्हें सिखाता है कि अनुशासन और धैर्य के साथ लिया गया हर फैसला जीवन के सही संचालन में सहायक होता है। भगवान मंगलदेव और हनुमान जी की कृपा से इनके व्यक्तित्व में और भी निखार आता है, जिससे ये अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर पाते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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