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    कहीं आपकी पूजा भी तो नहीं हो रही बेकार? बेलपत्र चढ़ाते समय जरा सी गलती पड़ सकती है भारी, पढ़ें सही नियम

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:00 PM (IST)

    सावन 2026 में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के सही नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन कर पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण ...और पढ़ें

    शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित के नियम (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव पूजा-अर्चना और कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र महीने में शिव जी की साधना करने से साधक के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा।

    सावन में विशेष चीजों के द्वारा महादेव का अभिषेक किया जाता है। वहीं, पूजा के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने का अधिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। क्या आप जानते हैं कि शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका क्या है। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के नियम के बारे में।

    शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका

    शिवलिंग पर 3, 5 या 7 पत्तियों वाला बेलपत्र ही अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र को अर्पित करते समय ध्यान रखें कि बेलपत्र की पत्तियां कहीं से कटी-फटी नहीं होनी चाहिए। साथ ही बेलपत्र सूखा नहीं होना चाहिए।

    बेलपत्र को जरूर करें शुद्ध- शिवलिंग पर बेलपत्र को चढ़ाने से पहले इसे गंगाजल और साफ जल से शुद्ध करें।

    shivling par bel patra chadhane ke niyam  (1)

    (Picture Credit- AI Generated)

    चिकना भाग शिवलिंग की तरफ- बेलपत्र का जो हिस्सा चिकना होता है, उसको शिवलिंग पर स्पर्श करते हुए अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र का जो खुरदुरा हिस्सा होता है, उसे ऊपर की तरफ रखना चाहिए।

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    बेलपत्र पर पीला या सफेद चंदन लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीला या सफेद चंदन का तिलक लगाने शिव जी अधिक प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी मुरादें पूरी करते हैं।

    शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते समय उसे डंठल की ओर से पकड़ना चाहिए। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि बेलपत्र के डंठल की दिशा जलाधारी की तरफ होनी चाहिए।

    भगवान शिव होते हैं प्रसन्न

    शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का वर्णन शिव पुराण में मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन के शुभ महीने में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और महादेव साधक की सभी मुरादें पूरी करते हैं। ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग पर बेलपत्र न चढ़ाने से पूजा अधूरी मानी जाती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।