सावन सोमवार व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? पढ़ें फलाहार की पूरी लिस्ट
सावन सोमवार व्रत में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए? पूजा के आसान नियम, फलाहारी डाइट और व्रत से जुड़ी पूरी जानकारी यहां पढ़ें। ...और पढ़ें

सावन सोमवार व्रत में क्या खाएं? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और 3 अगस्त 2026 को सावन का पहला सोमवार है। सनातन धर्म में सावन सोमवार व्रत का विशेष महत्व है। माना जाता है कि जो भक्त इस पूरे महीने भक्ति-भाव से सोमवार का व्रत रखते हैं और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं, शिव जी उनके सभी कष्ट दूर कर देते हैं।
सावन सोमवार पूजा के जरूरी नियम
- सुबह जल्दी उठकर नहाएं और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
- शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध और बेलपत्र अर्पित कर शिव जी की पूजा करें।
- शिव चालीसा, रुद्राष्टकम या सावन सोमवार की व्रत कथा का पाठ करें और अंत में आरती करें।
- शाम के समय फिर से हाथ-मुंह धोकर भगवान शिव की आरती उतारें।
- पूरे दिन मन में शुद्ध विचार रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
व्रत में क्या खाना चाहिए?
सावन सोमवार व्रत में पूरी तरह सात्विक और फलाहार भोजन किया जाता है:
- सेब, केला, अनार, पपीता, अंगूर, आम, अनानास और जामुन जैसे सभी फल खा सकते हैं।
- दूध, दही, छाछ और घर का बना ताजा पनीर ले सकते हैं।
- साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल की बनी चीजें खाई जा सकती हैं।
- आलू, शकरकंद, लौकी, कद्दू, अरबी, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया इस्तेमाल कर सकते हैं।
- मखाना, काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली और किशमिश खाएं।
- साधारण नमक की जगह सेंधा नमक लें। जीरा, काली मिर्च, हरी इलायची, चीनी, चाय और कॉफी का सेवन भी किया जा सकता है।
किन चीजों से परहेज करें?
- गेहूं, चावल जैसे साधारण अनाज और किसी भी प्रकार की दालें न खाएं।
- भोजन में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
- लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और गरम मसाले से दूर रहें।
सावन सोमवार व्रत के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि आती है। शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। इसके अलावा, शिवलिंग पर गन्ने के रस या दूध से रुद्राभिषेक करने से व्यापार और करियर में तरक्की के नए मार्ग खुलते हैं। वहीं, स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सावन के महीने में व्रत रखने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिससे मानसिक और शारीरिक शुद्धि होती है।
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