गर्मी में लड्डू गोपाल की सेवा: सुबह के स्नान से लेकर रात के शयन तक, भूलकर भी न करें ये गलतियां
गर्मी में लड्डू गोपाल की सेवा के कुछ नियम इस आर्टिकल में बताए गए हैं, आइए जानते हैं। ...और पढ़ें

Summer Care for Laddu Gopal: लड्डू गोपाल की गर्मियों वाली दिनचर्या। Ai Generated Image

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में लड्डू गोपाल को घर के एक सदस्य की तरह रखा जाता है, जिस तरह बढ़ती गर्मी में हम अपने खान-पान और पहनावे में बदलाव करते हैं, ठीक उसी तरह बाल गोपाल की सेवा के नियम भी मौसम के अनुसार बदल जाते हैं। ऐसे में जब गर्मी बढ़ रही है, तो कान्हा की सेवा में कुछ बदलाव करने होंगे, क्योंकि भक्तों का मानना है कि उन्हें भी गर्मी का अनुभव होता है। अगर आप भी अपने घर में सुख-शांति और कान्हा की विशेष कृपा चाहते हैं, तो तपती गर्मी में उनकी सेवा के इन विशेष नियमों का पालन जरूर करें।

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सुबह का स्नान और शृंगार
गर्मियों में लड्डू गोपाल को जगाने के बाद सबसे पहले शीतल जल से स्नान कराना चाहिए। पानी में गंगाजल, इत्र और ताजे गुलाब की पंखुड़ियां डालना बहुत शुभ होता है। गर्मी के दिनों में उन्हें भारी जरी वाले या रेशमी वस्त्रों के बजाय हल्के सूती वस्त्र पहनाएं। शृंगार में भारी आभूषणों की जगह फूलों के गहने और माथे पर शीतल चंदन का लेप लगाएं। चंदन की ठंडक से कान्हा जी बहुत खुश होते हैं।
शीतल भोग और खान-पान
गर्मी में लड्डू गोपाल के भोग में सात्विकता और शीतलता का विशेष ध्यान रखें। उन्हें ताजे फलों का रस, पना, छाछ, दही और मिश्री-माखन का भोग लगाएं। याद रहे कि भोग अधिक गर्म न हो। कान्हा के पास पीने के लिए हमेशा मिट्टी के छोटे पात्र में ठंडा जल रखें और उसमें तुलसी दल जरूर डालें। खीरे का भोग भी इस मौसम में बहुत अच्छा माना जाता है।
दोपहर की सेवा
जैसे छोटे बच्चे दोपहर में सोते हैं, वैसे ही कान्हा को भी दोपहर में आराम कराएं। उनके पास हाथ वाला पंखा रखें। रात के समय सुलाते समय भारी बिस्तर की जगह पर कोमल सूती बिछौने का प्रयोग करें। रात में उन्हें केवल एक हल्की पोशाक पहनाकर व बिना किसी भारी शृंगार के सुलाएं ताकि उन्हें अच्छी नींद आए।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
- स्नान के लिए कभी भी बहुत गर्म पानी का उपयोग न करें।
- गर्मियों में कान्हा को भारी मुकुट या चुभने वाले गहने पहनाने से बचें।
- बाल गोपाल को कभी भी अंधेरे या बंद कमरे में न रखें।
- गर्मी में भोजन जल्दी खराब होता है, इसलिए उन्हें हमेशा ताजा भोग ही चढ़ाएं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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