विष्णु पुराण में कलियुग के लिए कौन सी भविष्यवाणियां लिखी हैं? इस रहस्य से आज भी है दुनिया अनजान
विष्णु पुराण में कलियुग की कई भविष्यवाणियां बताई गई हैं जो आज के समय में प्रासंगिक साबित हो रही हैं। ये भविष्यवाणियां क्या हैं इसके बारे में विस्तार से यहां पढ़ें।

विष्णु पुराण की भविष्यवाणियां जो आज हो रही हैं सच (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
कलियुग में लोगों की प्राथमिकता पैसा कमाना होगा।
धर्म और नैतिकता का पतन होगा, धन ही सब कुछ।
मौसम अनिश्चित होगा, बीमारियां बढ़ेंगी, आयु कम होगी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हमारे धर्म पुराणों में कलियुग को लेकर ऐसी कई भविष्यवाणियां बताई गई हैं जो काफी हद तक आज के समय में प्रासंगिक साबित हो रही हैं। पुराण, विशेषकर श्रीमद् भागवतम् और विष्णु पुराण, कलियुग की भविष्यवाणियों का स्पष्ट और विस्तृत वर्णन प्रस्तुत करते हैं, जो हमारे वर्तमान युग को परिभाषित करती हैं।
हजारों साल पहले लिखे गए ये प्राचीन ग्रंथ आध्यात्मिक पतन से भरे संसार का एक आइना दिखाते हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि ये भविष्यवाणियां व्यक्ति विशेष पर लागू होती हैं या फिर मन में डर पैदा करने के लिए बताई गई हैं, बल्कि स्वाभाविक रूप से होने वाले बदलावों को बताते हैं।
कलियुग को युग चक्र का चौथा और आखिरी युग माना गया है जिसमें नैतिक बदलाव होने के संकेत पुराणों में सदियों पहलके बताए गए थे। आइए आपको बताते हैं विष्णु पुराण में ऐसी कौन सी भविष्यवाणियां लिखी हैं जो वर्तमान में सही हो रही हैं।
लोगों की प्राथमिकता पैसा कमाना होगा
कलियुग के लिए सबसे बड़ी भविष्यवाणी पुराणों में यह की गई है कि इस युग में लोगों का मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना होगा। वास्तव में आज की दुनिया में पैसा ही सबसे जरूरी वास्तु है।
पैसा ही वह मुख्य चीज है जो जीवन यापन के लिए जरूरी है। हमारे समाज में जिस व्यक्ति के पास ज्यादा धन है वही सबसे प्रतिष्ठित व्यक्ति है। विष्णु पुराण में कलियुग के लिए बताया गया है कि सत्ता अमीर लोगों के हाथों में होगी और वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऊंचे पदों पर होते हैं।
धर्म और नैतिकता का पतन
कलयुग की मुख्य भविष्यवाणियों में से एक है धर्म और नैतिकता में भारी गिरावट का होना है। शास्त्रों के अनुसार, किसी व्यक्ति की कीमत अब उसकी बुद्धिमानी या चरित्र से नहीं आंकी जाएगी। इसके बजाय, धन ही अच्छाई या गुण का एकमात्र पैमाना होगा। भगवत पुराण में एक श्लोक है-
वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः।धर्मन्याय व्यवस्थायां कारणं बलमेव हि॥
इसका अर्थ है कि- कलियुग में जन्म, कुल, अच्छे आचरण और गुणों का मूल्य समाप्त हो जाएगा। जिसके पास धन है, समाज उसी को सब कुछ मान लेगा। वास्तव में आज के समय में यह भविष्यवाणी सही होती दिख रही है।
मौसम का हाल अनिश्चित और कठोर हो जाएगा
पुराणों में कलियुग में गंभीर पर्यावरणीय संकट की भविष्यवाणी भी की गई है। लोग अनिश्चित ठंड, हवा, गर्मी, बारिश और बर्फबारी से परेशान होंगे।
अकाल और सूखा इस दौरान आम बात हो जाएगी, जिससे बहुत चिंता और दुख होगा। यह इंसानों और प्रकृति के बीच गहरे असंतुलन की ओर इशारा करता है। विष्णु पुराण में यह भी बताया गया है कि कैसे मौसम के खराब होने से इसका सीधा असर फसलों पर भी पड़ेगा।
लोगों की आयु कम होगी और बीमारियां बढ़ेंगी
विष्णु पुराण में लिखा है कि जैसे-जैसे कलयुग आगे बढ़ेगा, धर्म, सच्चाई, स्वच्छता, सहनशीलता, दया, शारीरिक शक्ति और याददाश्त दिन-ब-दिन कम होती जाएगी।
पुराणों के अनुसार, युग के अंत तक अधिकतम आयु घटकर केवल 20-30 साल रह जाएगी। लोगों की शारीरिक शक्ति और याददाश्त काफी कम हो जाएगी और वे कई तरह की नई और अजीब बीमारियों से पीड़ित होंगे। वास्तव में देखा जाए तो आज के समय में महामारी और बीमारियां इस भविष्यवाणी को सच कर रही हैं।
पुराणों में की गई ऐसी कई भविष्यवाणियां हैं जो कलियुग में सच होती नजर आ रही हैं।
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