क्या बाइक-स्कूटर में फोन माउंट करने से कैमरा हो जाता है खराब? ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं सच!
बाइक या स्कूटर पर स्मार्टफोन माउंट करने से उसके कैमरे को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर OIS और ऑटोफोकस पर असर होता है। ...और पढ़ें

क्या बाइक-स्कूटर में फोन माउंट करने से कैमरा हो जाता है खराब? ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं सच!

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी बाइक या स्कूटर चलाते टाइम नेविगेशन के लिए स्मार्टफोन को हैंडल पर लगे फोन माउंट में लगा देते हैं, तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। रोजाना कई लोग Google Maps या अन्य नेविगेशन एप का यूज करते हैं, लेकिन लंबे टाइम तक फोन को बाइक या स्कूटर के हैंडल पर लगाने से उसके कैमरे पर असर पड़ सकता है। खासकर अगर आप कोई महंगा फोन यूज कर रहे हैं तो कैमरा के खराब होने के चांस ज्यादा हैं।
कैमरा कैसे हो सकता है खराब?
दरअसल बाइक और स्कूटर चलते टाइम काफी ज्यादा वाइब्रेशन पैदा करते हैं। ये वाइब्रेशन फोन के कैमरे में मौजूद ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन यानी OIS और ऑटोफोकस जैसे मैकेनिज्म को एफेक्ट कर सकती है।
लंबे टाइम तक तेज वाइब्रेशन झेलने पर कैमरे की फोकसिंग क्षमता खराब हो सकती है या फोटो की क्वालिटी ड्रॉप हो सकती है। ऐसा भी देखा गया है कुछ मामलों में तो कैमरा ठीक से फोकस करना ही बंद कर देता है या वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान स्टेबिलाइजेशन खराब आता है।
हालांकि इसका ये मतलब नहीं है कि हर एक फोन या हर फोन माउंट से कैमरा जरूर खराब होगा। ये समस्या उन बाइक्स में ज्यादा देखने को मिलती है जिनमें इंजन की वाइब्रेशन ज्यादा होती है या सड़कें काफी खराब होती हैं। हाई-स्पीड राइड और लंबे टाइम तक लगातार माउंट का यूज भी जोखिम बढ़ा सकता है।
...तो फिर कैसा फोन माउंट बेस्ट?
अगर आप रेगुलर बाइक पर फोन माउंट का यूज करते हैं, तो वाइब्रेशन डैम्पनर वाले फोन माउंट ही लें। ये एक्सेसरी वाइब्रेशन को काफी हद तक कम कर सकती है, जिससे कैमरे पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। साथ ही बहुत खराब रास्तों पर डिवाइस को माउंट में लगाने से जितना हो सके बचें और जरूरत न होने पर फोन को जेब या बैग में डाल लें।