1979 में शुरू हुआ था दुनिया का पहला सेलुलर नेटवर्क, जानिए 1G से 5G तक का सफर
आज हम जिस 5G इंटरनेट और वीडियो कॉलिंग का इस्तेमाल आसानी से करते हैं, उसकी शुरुआत साल 1979 में टोक्यो ...और पढ़ें

1979 में शुरू हुआ था सेलुलर नेटवर्क का सफर। Photo- ChatGPT.
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आज मोबाइल फोन के जरिए कॉल्स, इंटरनेट, वीडियो स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन सर्विसेज कुछ ही सेकंड्स में मिल जाती हैं। लेकिन मोबाइल नेटवर्क की शुरुआत बिल्कुल अलग थी। साल 1979 में दुनिया का पहला कमर्शियल सेलुलर मोबाइल नेटवर्क जापान की राजधानी टोक्यो में शुरू हुआ था।
इसे जापानी टेलीकॉम कंपनी NTT ने लॉन्च किया था। ये फर्स्ट जनरेशन यानी 1G नेटवर्क था, जिसमें खास तौर पर से कारों में फिट किए गए फोन्स का इस्तेमाल होता था। इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत सेलुलर सिस्टम था। इसके तहत पूरे शहर को छोटे-छोटे रेडियो एरियाज या सेल्स में बांटा गया था। हर सेल का अपना एक बेस स्टेशन होता था।

जब कोई इंसान एक इलाके से दूसरे इलाके में जाता था, तो कॉल अपने आप अगले सेल से कनेक्ट हो जाती थी। यही टेक्नोलॉजी आगे चलकर मॉडर्न मोबाइल नेटवर्क्स की बुनियाद बनी। शुरुआती 1G नेटवर्क केवल वॉयस कॉल्स के लिए था। उस समय न तो इंटरनेट था, न मैसेजिंग एप्स और न ही वीडियो कॉल्स।
इसके बाद 2G ने डिजिटल कम्युनिकेशन और SMS की सुविधा दी। मोबाइल डेटा और वीडियो सर्विसेज 3G के साथ आईं, जबकि 4G ने हाई-स्पीड इंटरनेट को आम बना दिया। आज 5G टेक्नोलॉजी वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और रियल-टाइम कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स दे रही है।
