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    क्या है सरकार की नई MPMS स्कीम, जिससे सस्ते हो सकते हैं स्मार्टफोन? 

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 12:00 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने भारत में मोबाइल फोन उत्पादन बढ़ाने और आयात निर्भरता कम करने के लिए नई MPMS स्कीम को मंजूरी दी है, जो अगले 5 साल तक लागू रहेगी। ...और पढ़ें

    क्या है सरकार की नई MPMS स्कीम, जिससे सस्ते हो सकते हैं स्मार्टफोन?

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी इन दिनों नया स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं? तो आने वाले वक्त में आपके लिए अच्छी खबर आ सकती है। जी हां, क्योंकि केंद्र सरकार ने नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम यानी MPMS को मंजूरी दे दी है। यह स्कीम अगले 5 साल तक लागू रहेगी। इस स्कीम का मकसद भारत में मोबाइल फोन का प्रोडक्शन बढ़ाना है।

    साथ ही स्थानीय कंपनियों को मजबूत बनाना और इम्पोर्ट पर डिपेंडेंस कम करना है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इससे स्मार्टफोन सस्ते हो जाएंगे? चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

    क्या है सरकार की नई MPMS स्कीम?

    दरअसल, ये नई MPMS स्कीम पहले की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम की जगह लेगी, जो मार्च 2026 में एंड हो गई थी। सरकार ने इस स्कीम के लिए 62,500 करोड़ रुपये का बजट सेट किया है। कंपनियों को मोबाइल फोन की बिक्री पर इसके तहत 2.25% से 5% तक प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव दिया जाएगा। वहीं, जो कंपनियां भारत में बने कंपोनेंट और सब-असेंबली का ज्यादा यूज करेंगी, उन्हें 1.5% तक एक्स्ट्रा इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

    साथ ही सरकार घरेलू स्मार्टफोन ब्रांड्स को भी ऊपर लेकर आना चाहती है, जो भारतीय कंपनियां रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और अपने प्रोडक्ट डिजाइन में इन्वेस्टमेंट करेंगी, उन्हें 3% तक एडिशनल इंसेंटिव भी मिलेगा। इससे इंडियन कंपनियों को न्यू टेक्नोलॉजी डेवलप करने और ग्लोबल मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    क्या सस्ते होंगे स्मार्टफोन?

    सीधे तौर पर फिलहाल सरकार ने स्मार्टफोन की कीमतें कम करने का कोई एलान नहीं किया है लेकिन अगर कंपनियां भारत में ही ज्यादा कंपोनेंट तैयार करती हैं और इम्पोर्ट कम हो जाएगा, जिसके चलते उनकी प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो सकती है।

    ऐसे में फ्यूचर में कुछ स्मार्टफोन की कीमतें कम हो सकती है। इसके अलावा, इस महीने सरकार ने स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में यूज होने वाले कुछ इम्पोर्टेड पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी भी हटा दी है, जिससे कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट और कम हो सकती है।

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