नई दिल्ली-आगरा तीसरी रेल लाइन: 600 करोड़ से 26 KM की लंबी लाइन घटाएगी मालगाड़ियों का प्रेशर
कीठम से भांडई के बीच बन रही तीसरी रेल लाइन नई दिल्ली-आगरा रेल खंड पर मालगाड़ियों का दबाव कम करेगी। इससे आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव घटेगा और ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, आगरा। नई दिल्ली-आगरा रेल खंड और कैंट रेलवे स्टेशनों में जल्द ही मालगाड़ियों का दबाव कम होने जा रहा है। कीठम से भांडई के मध्य बिन रही तीसरी रेल लाइन से होकर 60 से 70 प्रतिशत मालगाड़ियां गुजरेंगी। सिर्फ कैंट स्टेशन में रुकने वाली ट्रेनें ही आएंगी।
इसके अलावा सिकंदराबाद राजधानी सहित दो दर्जन से अधिक ट्रेनें भी तीसरी रेल लाइन से गुजरेंगी। तीसरी रेल लाइन से कैंट स्टेशन के आउटर में ट्रेनें कम खड़ी होंगी। इससे ट्रेनों का समय पालन और भी बेहतर होगा।
कीठम से भांडई के मध्य बन रही 26 किमी लंबी लाइन, 600 करोड़ की आ रही लागत
कीठम से भांडई के मध्य 600 करोड़ रुपये से 26 किमी लंबी तीसरी रेल लाइन बिछ रही है। यह कार्य एक साल में पूरा हो जाएगा। नई दिल्ली-आगरा रेल खंड में हर दिन 270 से अधिक यात्री और 360 मालगाड़ियां चलती हैं। हर दिन 70 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। यह खंड देश के सबसे व्यस्ततम खंड में शामिल है।
आगरा कैंट स्टेशन के आउटर पर कम खड़ी होंगी ट्रेनें
दो वंदे भारत और देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस भी चलती हैं। अभी यह ट्रेनें आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती हैं। प्लेटफार्म नंबर एक से दो के मध्य रिजर्व लाइन से होकर नान स्टाप ट्रेनों को गुजारा जाता है।
और भी बेहतर होगा ट्रेनों का समय पालन
समर स्पेशल ट्रेनें बढ़ने पर और भी परेशानी खड़ी हो जाती है। जिसे देखते हुए साढ़े छह साल पूर्व तीसरी रेल लाइन का प्रस्ताव तैयार हुआ था। यह लाइन बनने से कैंट स्टेशन में न रुकने वाली सभी ट्रेनें गुजरेंगी। इससे आउटर पर ट्रेनों को पांच से 10 मिनट नहीं राेकना पड़ेगा।
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कीठम से भांडई के मध्य तीसरी रेल लाइन बिछ रही है। यह लाइन चालू होने से कैंट रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। समय पालन और भी बेहतर होगा।
शशिकांत, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन।
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