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अलीगढ़ में जन्माष्टमी पर 39 नवजातों की किलकारी, 23 बेटों को मिला कान्हा का आशीर्वाद

By Santosh Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 05 Sep 2026 10:08 AM (IST)

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर अलीगढ़ के मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में 24 घंटे में 39 बच्चों ने जन्म लिया, ...और पढ़ें

अलीगढ़ महिला अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा।

अलीगढ़ महिला अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शुक्रवार को मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में नवजातों की किलकारियां गूंजती रहीं। सुबह से बदले मौसम और बूंदाबांदी के बीच अस्पताल में प्रसूताओं के स्वजन बच्चों के जन्म का इंतजार करते नजर आए। 24 घंटे के दौरान अस्पताल में 39 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें 23 नवजात बेटे हैं।

जन्माष्टमी पर विशेष रूप से बेटे के जन्म को परिवारों ने भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद मानते हुए खुशी जताई और कई जगह मिठाई भी बांटी गई। शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में भी 40 से अधिक बच्चों के जन्म की जानकारी सामने आई। पर्व के चलते अस्पतालों में सामान्य दिनों की अपेक्षा उत्साह का माहौल दिखाई दिया

कई परिवारों की इच्छा थी कि उनके बच्चे का जन्म जन्माष्टमी के दिन हो। कुछ स्वजन तो आधी रात यानी भगवान कृष्ण के जन्म के समय बच्चे के जन्म की कामना कर रहे थे। हालांकि, चिकित्सकों ने प्रसव की प्रक्रिया पूरी तरह चिकित्सकीय परिस्थितियों के अनुसार कराई। महिला अस्पताल में रात 12:30 बजे रठगांव निवासी रेनू ने बेटे को जन्म दिया।

वहीं, अवतार नगर निवासी नीशू ने रात 2:33 बजे पहले बेटे को जन्म दिया तो परिवार के लोगों ने जन्माष्टमी पर कान्हा के जन्म जैसी खुशी मनाई। सुबह 8:25 पर बरौला जाफराबाद की पुष्पा ने दूसरे बेटा को जन्म दिया। पति व अन्य स्वजन ने बताया कि पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। रात दो बजे नौरंगाबाद निवासी डौली ने भी बेटे को जन्म दिया

सुबह 11:00 बजे नगला मेहताब निवासी शालू को भी बेटा पैदा हुआ। बच्चों के जन्म पर अस्पताल में खुशियां छा गईं। महिला अस्पताल के सीएमएस डा. तैयब ने बताया कि जन्माष्टमी पर प्रसूताओं और उनके स्वजन में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कई परिवार रात 12 बजे प्रसव की इच्छा जता रहे थे, लेकिन प्रसव का समय चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर ही निर्धारित किया गया।