अलीगढ़ या हरिगढ़: भिड़ गए सपाई और भाजपाई, 'टोंटी चोर' और 'चंदा चोर' के नारों से गूंज उठा सदन
अलीगढ़ नगर निगम के अधिवेशन में शहर का नाम हरिगढ़ करने के प्रस्ताव पर भाजपा और सपा पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान 'टोंटी चोर' और 'चंदा चोर' ...और पढ़ें

नगर निगम अधिवेशन में अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ किए जाने को लेकर पोस्टर लहराते भाजपाई।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नगर निगम का सामान्य अधिवेशन विकास के मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक टकराव का भी गवाह बना। शनिवार को आयोजित अधिवेशन लंच के बाद अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने के प्रस्ताव पर सदन का माहौल अचानक गरमा गया। भाजपा व सपा समेत अन्य विपक्षी दलों के पार्षद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने पोस्टर लहराते हुए जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान सदन 'टोंटी चोर' व 'चंदा चोर' के नारों से गूंज उठा। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। बैठक की शुरुआत अपेक्षाकृत शांत माहौल में हुई। पार्षद कुलदीप पांडेय ने विभिन्न जनहित के मुद्दे उठाए। इसके बाद मनोज कुमार और पुष्पेंद्र जादौन ने भी अपने-अपने वार्डों से जुड़े सवाल रखे। पुष्पेंद्र जादौन ने प्रत्येक पार्षद के वार्ड में कार्यालय स्थापित करने की मांग की।
कुछ पार्षदों ने अपने सवालों का जवाब न मिलने की शिकायत की। इस पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने सभी प्रश्नों का उत्तर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं, नगर निगम की जमीनों पर अवैध कब्जे और उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग न होने का मुद्दा भी उठा। इसी दौरान गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग पर भी बहस हुई।
वार्ड-68 के पार्षद अब्दुल मुत्तलिब ने सदन में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का सपा के पार्षदों ने समर्थन किया। हालांकि भाजपा पार्षदों ने प्रस्ताव का सीधा विरोध नहीं किया, लेकिन हूटिंग करते हुए कहा कि गाय भारतीय संस्कृति में पहले से ही पूजनीय है और उसे सम्मान दिल से मिलना चाहिए।
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भाजपा पार्षदों ने गोकशी पर प्रभावी रोक लगाने व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। गोमांश खाने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सत्ता व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
हरिगढ़ के प्रस्ताव पर फिर छिड़ी बहस
लंच के बाद भाजपा पार्षद संजय पंडित ने दो वर्ष पहले नगर निगम बोर्ड से पारित जिले का नाम हरिगढ़ करने के प्रस्ताव का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। इसके बाद भाजपा पार्षद पोस्टर लेकर खड़े हो गए और हरिगढ़ के समर्थन में नारे लगाने लगे। जय श्री राम के नारे लगने लगे। इसी दौरान विपक्षी पार्षदों ने कड़ा विरोध किया।
उनका आरोप था कि शहर की मूलभूत समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए बार-बार नाम परिवर्तन का मुद्दा उठाया जा रहा है। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा की ओर से 'टोंटी चोर' तो विपक्ष की ओर से 'चंदा चोर' के नारे लगाए गए। करीब 30 मिनट तक सदन में शोर-शराबा और हंगामा चलता रहा।
हालांकि बाद में मेयर प्रशांत सिंघल और नगर निगम अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ और अधिवेशन की कार्यवाही दोबारा शुरू कराई गई। विकास कार्यों और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा के साथ बैठक आगे बढ़ी।