विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पाकिस्तान में फंसा अलीगढ़ का बादल बाबू, रिहाई अटका रहा 5000 का जुर्माना, विदेश मंत्रालय से मदद की अपील

Updated: Mon, 17 Aug 2026 12:53 AM (IST)

फेसबुक पर हुए प्यार के चलते बिना वीजा-पासपोर्ट पाकिस्तान गए बादल बाबू की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन 5000 रुपये के जुर्माने के कारण वे लाहौर के डिटेंशन सेंटर में फंसे हैं।

News Article Hero Image

HighLights

  1. बादल बाबू फेसबुक प्यार में बिना वीजा पाकिस्तान गए।

  2. एक साल सजा पूरी, 5000 रुपये जुर्माने से रिहाई अटकी।

  3. सांसद अनूप प्रधान ने विदेश मंत्रालय को मदद हेतु पत्र लिखा।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। फेसबुक पर हुए प्यार को पाने दो वर्ष पहले बिना बीजा पासपोर्ट पाकिस्तान गए बादल बाबू की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन पांच हजार रुपये का जुर्माना उनकी रिहाई की राह में आड़े आ रहा है। आठ माह से लाहौर के डिटेंशन सेंटर में बंद बादल अब घर लौटने की राह देख रहा है। उसकी तबीयत खराब बताई जा रही है।

इधर, बेटे की आवाज सुनने और उसे सामने देखने को पिता कृपाल सिंह बैचेन हैं। वह सोमवार को डीएम से फिर मदद की गुहार लगाएंगे। मदद के लिए हाथरस के सांसद अनूप प्रधान ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर पर पहल होने के बाद सरहद के उस पार फंसे बादल की घर वापसी का रास्ता खुलेगा।

यह है पूरा मामला

बरला क्षेत्र के गांव नगला खिटकारी निवासी बादल बाबू पहले दिल्ली की एक एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई का काम करते थे। वर्ष 2022 में फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के बहाउद्दीन मंडी के माउंग गांव की सना से उनकी दोस्ती हुई। बातचीत बढ़ी तो दोस्ती प्यार में बदल गई।

बादल सना से मिलने पाकिस्तान पहुंच गए। कई दिनों तक वह सना के घर रहा। बाद में डर के कारण सना और उसकी मां ने उन्हें वहीं के असगर नबाब के यहां नौकरी पर रखवा दिया। वहां बादल बकरी चराने लगा। भाषा और बोलचाल के कारण लोगों को उसके पाकिस्तानी न होने का शक हुआ। सूचना पुलिस तक पहुंची तो उनकी पहचान सामने आ गई।

27 दिसंबर 2024 को बहाउद्दीन मंडी पुलिस ने बादल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बिना वीजा और पासपोर्ट के सना से मिलने पाकिस्तान आने की जानकारी दी। इसके बाद बपादल को जेल भेज दिया गया।

ट्रायल के बाद 13 मई 2025 को एक वर्ष की सजा सुनाई गई। यह पूरी होने पर जेल से रिहाई की उम्मीद जगी, लेकिन पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा न होने के कारण उन्हें लाहौर के डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया। तब से करीब आठ माह बीत चुके हैं। उसके पिता कृपाल सिंह लगातार बेटे की रिहाई के प्रयास कर रहे हैं।

दो दिन पहले उन्होंने पाकिस्तान में बादल की पैरवी कर रहे अधिवक्ता फियाज रामी से फोन पर बात की। वकील ने बताया कि उनकी ओर से रिहाई से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब मामला भारत और पाकिस्तान सरकार के स्तर पर है।

बादल की मदद को आगे आईं पूनम

बादल बाबू के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि कानपुर की रहने वाली पूनम की शादी पाकिस्तान के एक युवक से हुई थी। बाद में दोनों का तलाक हो गया। पूनम फिलहाल लंदन में रहती हैं और वहां सरकारी बस चलाने के साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हैं।

सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बादल के पाकिस्तान में बंद होने की जानकारी मिली तो वह मदद के लिए आगे आईं। उन्होंने पाकिस्तान में बादल की पैरवी कर रहे अधिवक्ता फियाज रामी की फीस भी दी।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में कैद बादल बाबू से बोली प्रेमिका लौट जाओ अपने मुल्क, प्यार में कर गया था बार्डर पार; रिहाई की बंधी उम्मीद